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कृषि अनुदान के फर्जीवाड़े पर कसेगा शिकंजा

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कृषि अनुदान के फर्जीवाड़े पर कसेगा शिकंजा
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झांसी। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अब सरकार कृषि अनुदान सिर्फ पंजीकृत किसानों को देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए किसान सम्मान निधि में पंजीकृत खातों को आधार बनाया जाएगा। सिर्फ उन्हीं किसानों के खाते तक कृषि सब्सिडी पहुंचेगी, जिनके बैंक खाते एवं आधार नंबर आपस में लिंक हैं।
केंद्र सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि की शुरुआत में पारदर्शी किसान पोर्टल में पंजीकृत सभी किसानों को शामिल कर लिया लेकिन, पूरे सूबे में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आईं। अपात्रों ने भी पात्र बनकर सम्मान निधि झटक ली। जांच के दौरान बड़ी संख्या में बोगस खाते पकड़ में आए। सरकार ने पैसा रोककर इनका सत्यापन शुरू कराया। जिनके आधार एवं बैंक खाते में अंतर मिला उनकी किस्त रोक दी गई। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनपद में कुल 246150 किसान हैं, इनमें 195506 लघु सीमांत किसान हैं। सत्पापन के बाद अब तक सिर्फ 107327 किसानों के खाते ही सही पाए गए। अब सरकार इस डेटा का इस्तेमाल आगे कृषि सब्सिडी देने में करने की तैयारी में है।
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कृषि अफसरों का कहना है कि सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद जैसे ही पूरा डेटा बेस तैयार हो जाएगा, वैसे ही सब्सिडी सिर्फ सम्मान निधि से जुड़े खातों में भेजी जाएगी। इससे अनुदान हड़पने के नाम पर होने वाला खेल भी थम सकेगा। आने वाले समय में सिर्फ इन्हीं किसानों को अनुदान योजना का भी लाभ मिलेगा। बता दें, सरकार किसानों को खाद, कृषि उपकरण समेत बीज पर भी अनुदान मुहैया कराती है। अनुदान सूची से बाहर होने पर उनको परेशानी उठानी पड़ेगी। प्रभारी उपनिदेशक कृषि केके सिंह का कहना है अभी फिलहाल किसान सम्मान निधि के लिए ही सत्यापन कराया जा रहा है।
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