आपका दूधिया जो दूध आपके घर देकर जाता है, उसे आप खुद जांच सकते हैं कि वह शुद्ध है या मिलावटी। त्योहारों के सीजन में दूध की मांग उत्पादन के सापेक्ष अधिक होने के कारण मिलावटी दूध बाजार में आ रहा है। यह मिलावटी दूध आपके परिवार के लिए जहर साबित हो सकता है।
त्योहारी सीजन में दूध की मांग अधिक हो जाती है।
मिठाइयों की अधिक मांग के कारण मिठाई बनाने वाले अधिक दाम देकर दूध खरीदने तैयार रहते हैं। ऐसे में दूधिया अधिक कीमत की लालच में उन्हें दूध बेचता है। चूंकि, व्यापारी दूध खरीदते समय उसकी व्यापक जांच करता है, ऐसे में उन्हें नकली दूध देना संभव नहीं हो पाता है,
लेकिन घरों में लोग दूधिया के विश्वास से दूध खरीदते हैं और उसे चेक नहीं करते ऐसे में कुछ खुराफाती दूधिये मिलावटी दूध की सप्लाई घरों में कर देते हैं।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के फूड टेक्नोलॉजी विभाग के प्रोफेसर शिवकुमार कटियार और प्रोफेसर नूपुर गौतम बताते हैं कि कई प्रकार की मिलावट करके नकली दूध बनाया जाता है। स्टार्च, यूरिया डिटर्जेन्ट, पानी आदि मिलाकर नकली दूध बनाया जा रहा है। इस प्रकार से बने दूध को आसानी से पहचाना नहीं जा सकता है। लेकिन, घर में छोटी सी जांच के बाद नकली और असली दूध की पहचान हो सकती है। यह सिंथेटिक दूध पीने में कड़वा लगता है, जो इसकी सबसे सरल पहचान हैं।
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ऐसे जांचें मिलावट
पानी मिला: थोड़ा सा दूध कांच की प्लेट में डालें और उसे आगे पीछे करें। पतला दूध अलग समझ में आ जाएगा।
स्टार्च मिला: दूध में आयोडीन की एक या दो बूंद डालो, अगर दूध नीला हो जाता है तो दूध में स्टार्च मिला है।
यूरिया मिला: एक चम्मच दूध में आधा चम्मच सोयाबीन का पाउडर मिलाएं। पांच मिनट बाद लाल रंग का लिटमस पेपर डालो अगर यह पेपर नीले रंग का हो जाता है तो समझ जाएं कि दूध में यूरिया है।
डिटर्जेंट मिला: आधा गिलास दूध में आधा गिलास पानी डालकर घोलो, अगर उसमें डिटजेंट मिला होगा तो झाग उठने लगेगा।
नोट: दूध को टेस्ट करने की सारी सामग्री केमिकल की दुकानों पर मिल जाती है।
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ये है नुकसान
- किडनी पर विपरीत असर पड़ता है।
- लीवर खराब हो जाता है।
- आंत में संक्रमण हो सकता है।
- पेट व हृदय संबंधी अन्य बीमारियां भी होती हैं।