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विकास के लिए ग्रीन और क्लीन एनर्जी की जरूरत

Wed, 23 Nov 2016 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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bu, jhansi news - फोटो : demo
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में प्रीकैम्ब्रियन्स ऑफ इंडिया विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि और परमाणु खनिज अन्वेषण और अनुसंधान निदेशालय के अपर निदेशक एमबी वर्मा ने कहा कि देश की ऊर्जा की जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं। विकास के लिए ग्रीन और क्लीन एनर्जी की जरूरत है। इन जरूरतों की पूर्ति के लिए लंबी दूरी तय करनी है।
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बीयू के भूगर्भ संस्थान तथा सोसायटी ऑफ अर्थ साइंटिस्ट के संयुक्त तत्वाधान में हुई संगोष्ठी में उन्होंने खनिज संपदाआें के दोहन के लिए वैज्ञानिक परियोजनाएं बनाने पर जोर दिया। साथ ही परियोजनाओं की राह में खड़ी होने वाली सामाजिक बाधाओं का भी जिक्र किया। विशिष्ट अतिथि प्रो. डीएम बनर्जी ने बताया कि प्री कैम्ब्रियंस पर भारत में काम करने वाले वैज्ञानिकों की संख्या तुलनात्मक रूप से कम है। धरती और प्रकृति में आ रहे बदलावों को देखते हुए यह संख्या और बढ़नी चाहिए। कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने वैज्ञानिकों से मातृभाषा में ही शोध और अनुसंधान कार्यों को करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कई विकसित देशों ने अपनी मातृभाषा में ही वैज्ञानिक गतिविधियों को अंजाम दिया है। डॉ. मुकुंद शर्मा ने लखनऊ के भू वैज्ञानिक संघ की गतिविधियों का ब्योरा दिया। संगोष्ठी के लिए 140 से ज्यादा शोधपत्र आए। इस दौरान प्रो. एमएल मौर्या, प्रो. अमर सिंह, प्रो. एसपी सिंह, डॉ. एमईए मंडल, डॉ. डीके भट्ट, डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. अंकित श्रीवास्तव, डॉ. संतोष पांडेय, डॉ. अनु सिंगला, डॉ. एससी त्रिपाठी मौजूद रहे। 
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कई वैज्ञानिक सम्मानित
सोसाइटी ऑफ साइंटिस्ट की ओर से प्रो. डीएम बनर्जी को लाइफ  टाइम एचीवमेंट पुरस्कार दिया गया। प्रो. एवी राय, प्रो. एके वासु, डॉ. अभिनव राय, डॉ. ओपी पांडेय को भी सम्मानित किया गया। 
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