झांसी। जनपद में स्वीकृत तीस माइक्रो कामधेनु डेयरी में से चार की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद विभिन्न बैंकों में लंबित तीस में से चार फाइलें पास कर ऋण आवंटित कर दिया गया है। सात अन्य फाइलों का निस्तारण शीघ्र होने की उम्मीद है।
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही कामधेनु डेयरी योजना के तहत जिले में एक कामधेनु, 16 मिनी कामधेनु तथा 30 माइक्रो कामधेनु डेयरी स्वीकृत हैं। कामधेनु व मिनी कामधेनु डेयरी की इकाइयां तो गठित हो चुकी हैं, लेकिन तीस में से एक भी माइक्रो कामधेनु डेयरी की इकाई गठित नहीं हो सकी है। बैंकों द्वारा पास प्रस्तावों पर ऋण न देने पर डेयरी स्थापित नहीं हो सकी हैं।
माइक्रो कामधेनु डेयरी स्थापित न होने की खबर को अमर उजाला ने 22 फरवरी के अंक में प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशन के बाद बैंक प्रबंधन ने चार लंबित फाइलों का निस्तारण कर ऋण पास कर लिया है। ऋण पास होने के बाद अब कोटरा, मबई गिर्द, छिरौरा व टांडा में माइक्रो कामधेनु यूनिट स्थापित होने का रास्ता साफ हो गया है। अतिशीघ्र सात फाइलें और निस्तारित कर दी जाएंगी।
यह है माइक्रो कामधेनु योजना
माइक्रो कामधेनु योजना के तहत तीस इकाइयां जिले में स्थापित होनी हैं। 25 गायों के पालन के लिए स्थापित होने वाली इस इकाई में करीब साढे़ सात लाख रुपये का खर्चा आता है, इसमें 25 प्रतिशत राशि डेयरी स्थापित करने वाले को लगानी पड़ती है, वहीं, 75 प्रतिशत बैंक से ऋण मिल जाता है। जिले में इस योजना के तहत डेयरी स्थापित करने के लिए 75 लोगों ने आवेदन किया था। पशुपालन विभाग ने सभी का सत्यापन कर 30 लाभार्थियों का चयन करके बैंकों के पास फाइल भेज दी है।
बैंक प्रबंधकों ने चार इकाइयों के ऋण स्वीकृत कर दिए हैं। सात अन्य की फाइलें भी शीघ्र पास हो जाएंगी। अग्रणी जिला प्रबंधक ने आश्वासन दिया है कि 31 मार्च तक लक्ष्य पूरा कर दिया जाएगा।
- डॉ. सुधीर सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी