दतिया/ राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और संवर्धन को समर्पित पंद्रह दिवसीय ''''हिंदी महोत्सव'''' के अंतर्गत आज शहर में सद्ग्रंथों की एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मेलन के सफल आयोजन के बाद हिंदी दिवस के विशेष अवसर पर आयोजित इस यात्रा ने शहर के सांस्कृतिक और साहित्यिक माहौल को और अधिक ऊर्जावान बना दिया।
सांस्कृतिक-साहित्यिक मासिक पत्रिका ''''आदित्य संस्कृति'''' द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत सुबह साढ़े आठ बजे सीता सागर के समीप स्थित गांगोटिया हनुमान मंदिर से हुई। निर्धारित समयानुसार शहर के गणमान्य नागरिकों, साहित्यकारों और विद्यार्थियों का एकत्रीकरण हुआ, जिसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सद्ग्रंथों और मां सरस्वती का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया।
पूजन के उपरांत मुख्य मार्गों से होती हुई यह शोभायात्रा राजगढ़ चौराहा पहुंची। यहां राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद यात्रा का काफिला आगे बढ़ता हुआ मां पीतांबरा पीठ के पश्चिम द्वार पर पहुंचा, जहां इसका समापन किया गया। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर नागरिकों द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
इस आयोजन के माध्यम से समाज में ग्रंथों के पठन-पाठन और हिंदी भाषा के प्रति अनुराग जगाने का संदेश दिया गया। हिंदी महोत्सव आयोजन समिति ने नगर के सभी प्रबुद्ध नागरिकों, साहित्य प्रेमियों और सांस्कृतिक विभूतियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य के आयोजनों में भी इसी प्रकार की सक्रिय सहभागिता की अपील की है। इस धार्मिक व साहित्यिक आयोजन से पूरे शहर में उत्सव का माहौल देखने को मिला।