झांसी। सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को भी अब मजदूर कहलाने का हक मिलेगा। शासन के निर्देश पर मनरेगा सहित विभिन्न सरकारी विभागों में काम करने वाले मजदूर के पंजीकरण श्रम विभाग में कराए जाएंगे। शासन ने यह फैसला मजदूरों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए लिया है।
श्रम विभाग में अब तक उन लोगों का पंजीयन किया जाता था, जो निजी क्षेत्रों में मजदूरी करते थे। लेकिन अब सरकारी क्षेत्र के मजदूरों का भी पंजीयन श्रम विभाग में कराया जाएगा। मनरेगा में पचास दिन मजदूरी करने वाले जॉब कार्ड धारक का श्रम विभाग में पंजीकरण कराया जाएगा।
पंजीकरण के लिए उसे मजदूरी करने का प्रमाणपत्र, वोटर आईडी, राशन कार्ड अथवा ड्राइविंग लाइसेंस तथा पेन कार्ड उपलब्ध कराना होगा। पंजीयन शुल्क पचास रुपये देना होगा। वहीं, उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं में कार्य करने वाले श्रमिकों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं।
शासन के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार सेवकों को योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी दी जाए और उसे गांवों में प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि पंजीयन के समय श्रमिकों का मोबाइल नंबर अवश्य दर्ज करें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में मेगा कॉल सेंटर स्थापित है, जिसमें फोन करके श्रमिक जानकारी हासिल कर सकते हैं।
उप श्रमायुक्त विनोद शंकर मिश्रा ने बताया कि पंजीकरण के बाद श्रमिकों को शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा।