अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शासन ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) आशुतोष कुमार को निलंबित कर दिया है। खनिज परिवहन शुल्क वसूली का ठेका निरस्त करने के मामले में उन पर यह कार्रवाई हुई है। निलंबित एएमए को निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया है। गरौठा विधायक की शिकायत के बाद शासन ने यह कार्रवाई की है।
जिला पंचायत द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में खनिज तहबाजारी वसूली का ठेका शर्मा एसोसिएट को दिया गया था। अक्तूबर माह में जिला पंचायत की ओर से यह ठेका निरस्त कर दिया गया था। यह काम अन्य फर्म को दे दिया गया था। शर्मा एसोसिएट की ओर से अवैध ढंग से ठेका निरस्त करने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत की गई थी। जबकि, गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने यह मामला शासन स्तर पर उठाया था। इस पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त झांसी को इसकी जांच कर कार्रवाई के लिए कहा था।
मंडलायुक्त द्वारा गठित की गई तीन सदस्यीय समिति की जांच में सामने आया था कि एएमए आशुतोष कुमार ने शर्मा एसोसिएट को बिना सुनवाई का अवसर प्रदान किए उनके पक्ष में जारी किए गए खनिज परिवहन शुल्क वसूली के ठेके को निरस्त कर दिया है। एएमए पर नियम विरुद्ध ढंग से ठेका निरस्त करने का आरोप सही पाया गया था। इसके अलावा ठेका निरस्त किए जाने के दिन ही 21 अक्तूबर 2024 को ही अन्य फर्म तेजस्वी इंटरप्राइजेज के पक्ष में ठेका स्वीकृत करते हुए अनुबंध पत्र जारी करने को प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता माना गया। इसके लिए एएमए आशुतोष कुमार को दोषी पाया गया। इस पर शासन ने उन्हें निलंबित करते हुए पंचायती राज निदेशालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया है।
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नहीं हुई वित्तीय अनियमितता, बढ़ी आय : पवन
एएमए के निलंबन के मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम ने कहा कि जिला पंचायत में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है बल्कि, जिला पंचायत की आय में बढ़ोत्तरी हुई है। शर्मा एसोसिएट को साल भर का ठेका चार करोड़ रुपये का दिया गया था। गड़बड़ी की तमाम शिकायतों के बाद एएमए ने ठेका निरस्त कर दिया था। इसके बाद नीलामी की बोली में दूसरे नंबर पर रहने वाली फर्म से अस्थायी तौर पर 15 दिन तहबाजारी का काम कराया गया था। निविदा प्रक्रिया पूरी करने के बाद अन्य फर्म को साढ़े चार महीने के लिए 3.30 करोड़ में ठेका दिया गया था। शर्मा एसोसिएट की 32 लाख रुपये सिक्योरिटी राशि भी जब्त की गई थी। इससे जिला पंचायत को 2.30 करोड़ का अतिरिक्त लाभ हुआ है।