जिला अस्पताल में चल रही डॉक्टरों की कमी की समस्या विधायक जवाहर लाल राजपूत ने मुख्यमंत्री के संज्ञान में ला दी। मंगलवार को विधायक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव से मिले और जल्द से जल्द समस्या दूर कराने की मांग की। प्रमुख सचिव ने भी जल्द तैनाती कराने का आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि जिला अस्पताल में कई सालों से डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। पिछले कुछ समय से फिजीशियन और जरनल सर्जन की कमी होने से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कोई घंटों इंतजार के पास डॉक्टर को दिखा पाता है, तो कोई कई-कई दिन इंतजार करके ऑपरेशन करा पाता। इस मुद्दे को अमर उजाला ने सोमवार के अपने अंक में ‘जिला अस्पताल में डॉक्टरों का टोटा’ शीर्षक से उठाया। मंगलवार को गरौठा विधानसभा से भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से मुलाकात की। विधायक ने प्रमुख सचिव को बताया कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 46 पद सृजित हैं, इनमें से लगभग 18 खाली चल रहे हैं। मुख्य समस्या पर्याप्त फिजीशियन और सर्जन नहीं होने के कारण है। इससे मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द रिक्त पदों पर डॉक्टरों की तैनाती की जाए, ताकि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
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मोंठ सीएचसी की भी समस्या उठाई
विधायक जवाहर लाल ने मोंठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की समस्या भी प्रमुख सचिव को बताई। उन्होंने कहा कि मोंठ सीएचसी में सृजित 18 पदों के सापेक्ष तीन डॉक्टर तैनात हैं। सीएचसी में हड्डी रोग, बाल रोग, नेत्र रोग विशेषज्ञ और महिला डॉक्टर की कमी चल रही है। ऐसे में डॉक्टरों की अविलंब तैनाती की जाए।
विधायक बोले
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स्वास्थ्य मंत्री से जल्द करेंगे बात
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी होना समस्या है। इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्री से जल्द ही मुलाकात की जाएगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर एडी हेल्थ और सीएमओ से बात कर कोई हल ढूंढने का भी प्रयास किया जाएगा। - रवि शर्मा, सदर विधायक।
जरूर कराएंगे डॉक्टरों की तैनाती
बुंदेलखंड में गरीबी ज्यादा है। इसलिए निजी अस्पतालों में जाकर मरीज पैसा खर्च नहीं कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री को जल्द ही पत्र लिखूंगा। थोड़ा समय जरूर लग सकता है पर जिला अस्पताल में हर हाल में डॉक्टरों की तैनाती कराई जाएगी। - राजीव सिंह पारीछा, बबीना विधायक।