झांसी। नगर निगम की खस्ता वित्तीय हालत के बावजूद कई सरकारी विभागों ने करीब दस करोड़ का भारी-भरकम रकम दबा रखी है। पिछले तीन साल से 16 महकमे टैक्स नहीं चुका रहे हैं। इनमें वह महकमे भी शामिल हैं जिनमें राजस्व वसूली में तेजी लाने का जिम्मा है। निगम प्रशासन इन महकमों से वसूली नहीं कर पा रहा है।
सरकारी महकमों पर नगर निगम का कुल 10,45,69,540 रुपये बकाया है। इनमें पिछले वर्षों का ही 6.66 करोड़ बकाया है। सबसे अधिक शिक्षण संस्थान, कृषि एवं स्वास्थ्य महकमे पर बकाया है। नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक संयुक्त कृषि निदेशक कार्यालय पर 81,877 रुपये, उपनिदेशक कृषि पर 1,84,181 रुपये, उपनिदेशक जलागम पर 2,13,400 रुपये बकाया है। हाउसटैक्स नियमित न चुकाने वालों में एसएसपी कार्यालय भी शामिल हैं। एसएसपी के नाम पर नवीन भवन एवं सिविल लाइंस में दो कार्यालय हैं लेकिन, पिछले इनका टैक्स जमा नहीं हुआ। विकास भवन, जहां से नियमित राजस्व वसूली की समीक्षा होती है, उसका हाउसटैक्स भी पिछले काफी समय से जमा नहीं किया गया। इसका हाउसटैक्स बढ़कर 2,69,400 रुपये हो चुका। इसी तरह अपर निदेशक, स्वास्थ्य पर 7,11,360 रुपये का टैक्स बकाया है। सेवायोजन अधिकारी पर 1,83,256 रुपये बकाया है। मुख्य अभियंता बेतवा भवन पर 2,81,988 रुपये का हाउसटैक्स बकाया है। महानगर के भीतर स्थित शिक्षण संस्थान भी टैक्स चुकाने में दिलचस्पी नहीं दिखाते। बुंदेलखंड अभियंत्रिक एवं प्रोद्यौगिकी संस्थान पर 6.03 करोड़ बकाया हैं। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज पर 1,10,20,414 रुपये का बकाया हो चुका। इसी तरह बीएसए पर 9,95,610 रुपये, डीआईओएस पर 16,79,160 रुपये, राजकीय पॉलीटेक्निक पर 1,97,588 रुपये, प्रधानाचार्य महिला पॉलीटेक्निक पर 2,88,024 रुपये, प्रधानाचार्य राजकीय खाद्य विज्ञान विभाग पर 54,226 रुपये, प्रधानाचार्य आईटीआई पर 4,03,285 रुपये, निदेशक महारानी लक्ष्मीबाई राजकीय पैरामेडिकल ट्रेनिंग कालेज 72,57,747 रुपये का हाउसटैक्स नहीं चुकाया। वहीं, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी का कहना है कि सभी बड़े बकाएदार विभागों की नोटिस भेजी गई है। इनमें से कई विभागों से वसूली की कार्रवाई की जा रही है।