झांसी। बुंदेलखंड के हरित रकबे को बढ़ाने के लिए सरकार ने नई पहल की है। निजी भूमि में फलदार पेड़ लगाने वालों को सरकार आर्थिक मदद मुहैया कराएगी। ऐसे किसानों को तीन साल तक हर माह बाग के रखरखाव के लिए पैसे दिए जाएंगे।
बुंदेलखंड उद्यौनिक विकास योजना के जरिए सरकार किसानों को आम, अमरूद, आंवला, नीबू आदि के पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उसकी योजना है कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 200 तक किसानों से निजी भूमि में बाग लगवाए जाएं। निजी जमीन पर फलदायक पेड़ लगाए जाने से उनकी देखभाल हो सकेगी। साथ ही हरित क्षेत्रफल के रकबे में भी बढ़ोत्तरी होगी। ऐसे किसानों को सरकार निशुल्क पौधे भी मुहैया कराएगी। इनको रोपने के बाद से ही हर माह किसान को तीन हजार रुपये मिलने लगेंगे। यह पैसा तीन साल तक लाभार्थी किसान के सीधे खाते में पहुंचेगा। इस तरह उसे कुल करीब 1.08 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही पेड़ों के रखरखाव के बारे में भी दिशा-निर्देश के साथ ही खाद आदि भी मुहैया कराई जाएगी। पेड़ों को नुकसान न पहुंचे इसकी भी नियमित निगरानी होगी। अगर पेड़ों को नुकसान होता है तब किसानों को पैसा मिलना बंद हो जाएगा। उद्यान विभाग को इस योजना की निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस योजना का लाभ न्यूनतम एक हेक्टेयर भूमि रखने वाला किसान ले सकेगा।
न्यूनतम एक हेक्टेयर भूमि रखने वाला किसान इसमें शामिल हो सकता है लेकिन, उसे पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उसकी प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। पहले आवेदन करने वाले किसानों को लाभ दिया जाएगा। भैरम सिंह, अधीक्षक, राजकीय उद्यान