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दबंगों के कब्जे में अरबों की सरकारी जमीन

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झांसी। नगर निगम, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, राजकीय आस्थान, रेलवे समेत कई सरकारी विभागों की अरबों रुपये की जमीन पर वर्षों से लोगों ने अवैध कब्जे जमा रखे हैं लेकिन, सरकारी अमला इन कब्जों को हटवाने में लाचार साबित हो रहा है। कहीं, नगर निगम की जमीन पर प्लॉटिंग कर दी गई तो कहीं बकायदा खेती शुरू कर दी गई। सबसे अधिक नगर निगम, सिंचाई विभाग एवं राजकीय आस्थान की जमीन पर अवैध कब्जे बताए जा रहे हैं।
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योगी सरकार जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार जीरो टालरेंस की बात कह रही लेकिन, जनपद में सरकारी महकमे खुद ही अपनी जमीन से अवैध कब्जे नहीं हटवा पा रहे। शहर में सबसे अधिक नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जे हैं। वर्ष 2002 में नगर महापालिका से नगर निगम में तब्दील पर 15 ग्राम समाज की हजारों एकड़ समेत सीलिंग की सरप्लस जमीन उसमें मर्ज हुई लेकिन, आज तक इसकी पैमाइश ही नहीं कराई गई।
इसी जमीन पर सबसे अधिक कब्जे बताए जा रहे हैं। लहर गिर्द, गरिया गांव, खालसा स्कूल के पास, सिद्घबाबा पहाड़िया के समीप नगर निगम की बेशकीमती जमीन पर कब्जे हो चुके। यहां निगम की जमीन पर रसूखदारों ने प्लाटिंग तक कर डाली। इसी तरह झांसी खास में पंचवटी कॉलोनी के पास, लक्ष्मी ताल के समीप निगम की जमीन पर दुकानें बना ली गईं। नगर निगम की जमीन कब्जाने में कई पार्षदों के नाम भी सामने आए लेकिन, सम्पत्ति विभाग सबकुछ जानने के बावजूद अंजान बना रहता है।
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अभी तक नहीं हुआ चिह्नांकन
नगर निगम संपत्तियों पर अवैध कब्जे को रोकने के लिए उनके सामने नामपट्ट और तार के बाड़े बनवाने का प्रस्ताव नगर निगम सदन ने भी पारित किया था लेकिन, आज भी जमीनों पर बोर्ड एवं बाड़े नहीं लगाए गए। इस वजह से अवैध कब्जों की शिकायत भी बढ़ रही है।
सिंचाई विभाग एवं पीडब्ल्यूडी भी नहीं बचा सके अपनी जमीन
जनपद में सिंचाई विभाग के पास भी सर्वाधिक जमीन है। शहरी इलाकों के अलावा ग्रामीण इलाकों में सिंचाई विभाग के स्वामित्व में जमीन है लेकिन, कई वर्र्षों से इस जमीन पर अवैध कब्जे धारक जमे हुए हैं। सिंचाई विभाग की माताटीला कॉलोनी के पास स्थित खाली पड़ी जमीन पिछले कई वर्षों से रसूखदार के कब्जे में है। इसी तरह पीडब्ल्यूडी में मुख्य अभियंता कार्यालय के पास स्थित करोड़ों की जमीन पर रसूखदारों ने निगाहें गड़ा रखी हैं। कुछ वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से करोड़ों रुपये कीमत की जमीन औने-पौने दाम में बेचने की कोशिश हुई लेकिन, यह मामला अभी विवादों में घिरा हुआ है। इसी तरह शहर में स्थित कई शत्रु सम्पत्तियां भी भूमाफियाओं के निगाहों में हैं। रेलवे की पटरियों के किनारे की जमीन पर भी अवैध कब्जे हो चुके हैं। कई जगह खेती तक कराई जा रही।
जिन जमीनों पर अवैध कब्जे हैं उनके खिलाफ नियमित अभियान चलाया जा रहा। निगम ने हाल में कई जमीनों से अवैध कब्जे हटवाए हैं। सदन के संकल्प के मुताबिक नगर निगम की सम्पत्तियों पर बोर्ड लगाने के साथ ही बाड़े से उसे सुरक्षित कराने का भी काम किया जा रहा है। - अवनीश कुमार राय, नगर आयुक्त
रेल मंडल की जमीन पर जहां भी कब्जा करने की कोशिश होती है उसे तुरंत ही अभियान चलाकर हटवाने का काम होता है। पिछले एक साल में 20 से अधिक जगह कब्जे हटवाए गए। कोई ऐसा बड़ा हिस्सा नहीं है, जहां अभी कब्जा हो। ऐसे भी कई मामले हैं, जहां एग्रीमेंट किया गया था। एग्रीमेंट खत्म होने के बाद कब्जा न छोड़ने के 15 से अधिक मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। - संदीप माथुर, डीआरएम।
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