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2.20 लाख क्विंटल सरकारी गेहूं अब तक बाहर

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झांसी। गेहूं खरीद खत्म हुए दो सप्ताह बाद भी पूरे मंडल में करीब 2.20 लाख क्विंटल (22 हजार मीट्रिक टन) गेहूं गोदाम से बाहर ही पड़ा है। इसे सुरक्षित रखने में सबसे अधिक समस्या ललितपुर में सामने आ रही। यहां 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं गोदाम के बाहर पड़ा है जबकि मानसूनी सीजन आरंभ हो चुका। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही बरतने पर करोड़ों रुपये के गेहूं के नष्ट होने की आशंका पैदा हो गई।
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गेहूं खरीद खत्म होने के बाद एफसीआई गोदामों तक इसे सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी खाद्य विभाग की होती है लेकिन, करीब पंद्रह दिन बाद भी खरीदा गया पूरा गेहूं गोदाम तक नहीं पहुंच सका। मंडल के तीनों ही जनपदों में सरकारी गेहूं गोदाम के बाहर ही पड़ा है। ललितपुर में सबसे अधिक 14,096 मीट्रिक टन गेहूं बाहर है। यहां रखने की पर्याप्त जगह भी नहीं है। ऐसे में इसे बाहर प्लेटफार्म में जगह बनाकर रखवाना होगा। झांसी में 4298 मीट्रिक टन एवं जालौन में 3452 मीट्रिक टन गेहूं बाहर पड़ा है। झांसी जनपद में कुल 77 केंद्रों के जरिए 73793.31 मीट्रिक टन खरीद हुई जबकि पूरे मंडल में 2,31,136.56 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। नियमों के मुताबिक खरीद के चौबीस घंटे के भीतर गेहूं को सुरक्षित रखना अनिवार्य होता है। इस तरह करोड़ों रुपये का गेहूं अभी तक खरीद केंद्रों के पास ही पड़ा है जबकि मानसून मंडल में दस्तक दे चुका। इन जनपदों में कभी भी झमाझम बारिश शुरू हो सकती है। अगर गोदाम में रखे जाने से पहले जोरदार बारिश शुरू हुई तब ऐसे में गेहूं के खराब हो जाने की आशंका भी रहेगी। वहीं, एफसीआई गोदाम भी इनको रखवाने में पर्याप्त तेजी नहीं दिखा रहे। क्वालिटी कंट्रोल के नाम पर ही कई दिनों तक ट्रकों को बाहर ही रखा जाता है।
इस समय गोदामों में दोहरा काम चल रहा है। बाहर से चावल की रेक आ रही है, जिसकी अनलोडिंग हो रही है। इस काम को भी कराया जा रहा है। इस माह के आखिरी तक पूरा स्टॉक गोदाम में रख दिया जाएगा। बारिश से बचाने को तिरपाल की व्यवस्था कराई गई है।- नरेंद्र कुमार, डीएफओ
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