झांसी। शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है। शासन ने ग्वालियर रोड क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस आदेश से ओवरब्रिज निर्माण में आ रहीं सभी अड़चनें खत्म हो गईं हैं। ओवरब्रिज का निर्माण 102 करोड़ रुपये से होगा। शुरूआती काम के लिए एक करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। ओवरब्रिज निर्माण में कम से कम तीन साल का वक्त लगेगा। अमर उजाला लगातार इस क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के मुद्दे को उठाता रहा है।
प्रदेश सरकार ने 15 दिसंबर 2020 को ग्वालियर रोड क्रॉसिंग नंबर 117 पर फोरलेन ओवरब्रिज बनाने पर सहमति जताई थी। इसके बाद से सेतु निगम ओवरब्रिज निर्माण के लिए सक्रिय हो गया। इसमें दो पुल आने-जाने के लिए सटकर बनेंगे। 950 मीटर लंबे इस पुल के बीच में 60 मीटर का निर्माण रेलवे को पूरा करना है। रेलवे अपने हिस्से के काम के लिए स्वीकृति दे चुका है। जबकि शासन की तरफ से प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति न मिल पाने के कारण योजना धरातल पर नहीं उतर पा रही थी। विगत 21 दिसंबर को अनु सचिव राजेश कुमार पांडे ने प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग को भेजे पत्र में अवगत कराया कि इस प्रोजेक्ट के लिए एक अरब दो करोड़ 73 लाख आठ हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें रेलवे के हिस्से की लागत 22 करोड़ 81 लाख रुपये है।
- ओवरब्रिज निर्माण में प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद सभी अड़चनें खत्म हो गईं हैं। इस स्वीकृति के लिए उनके स्तर पर लगातार संबंधित अफसरों से संपर्क किया जा रहा था। जल्द ही धरातल पर काम दिखाई देने लगेगा।
रवि शर्मा, सदर विधायक।
इस तरह होगा ओवरब्रिज का निर्माण
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- पुल होमगार्ड ट्रेनिंग सेंटर की मोड़ से उठकर दूसरी तरफ महिला पॉलिटेक्निक के पास जाकर उतरेगा।
- एक आने और एक जाने का पुल बनेगा। दोनों के अंदर का रास्ता साढ़े सात- साढ़े सात मीटर चौड़ा होगा।
- पुल के दोनों तरफ 450- 450 मीटर हिस्से का निर्माण सेतु निगम करेगा।
- पटरियों के ऊपर 60 मीटर हिस्से का निर्माण रेलवे को पूरा करना होगा।
- पटरियों के ऊपर अधिकतम ऊंचाई 11 मीटर होगी।
जाम से मिलेगी निजात, अभी पांच-सात घंटे बंद रहती है क्रॉसिंग
ग्वालियर रोड क्रॉसिंग गेट नंबर 117 पर लगने वाला जाम लोगों के लिए सिरदर्द बन गया है। कोरोना काल से पहले यह क्रॉसिंग ट्रेनों के आवागमन की वजह से 24 में 12 घंटे बंद रहती थी। दूसरी लहर के सामान्य होते ही दोबारा वही स्थिति बन गई है। दूसरा, उनाव- बालाजी मार्ग पर नई सड़क बनने के बाद से वाहनों की संख्या में और इजाफा हो गया है। इससे हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव अरसे से प्रदेश सरकार के पास अटका था।