झांसी। महानगर में बुधवार को भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा भक्ति भाव के साथ निकाली गई। बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ रथ पर विराजमान भगवान जगन्नाथ जी का भक्तों नेे विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने परंपरागत रूप से रथ की रस्सी पकड़ कर उसे खींचा।
श्री भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में गोला कुआं स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी के मंदिर से प्रारंभ हुई रथयात्रा आर्य समाज मंदिर, गंधीगर का टपरा, सर्राफा बाजार, मानिक चौक, मालिनों का तिराहा, सुभाष गंज, रानी महल, कोतवाली की ढाल आदि क्षेत्रों से होती हुई वापस मंदिर पहुंची। रथयात्रा में युवा श्रद्धालु धर्म ध्वज लिए हुए थे। वहीं कई श्रद्धालु हरीनाम संकीर्तन और बैंड बाजों की भक्ति धुन पर भाव विह्वल नृत्य कर रहे थे।
इस दौरान रथ में विराजमान भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बलभद्र के दर्शन के लिए कई स्थानों पर भक्त उमड़ पड़े। इस अवसर पर नगर विधायक रवि शर्मा, संजय नौराही, राघव वर्मा, किशन नौराही, प्रदीप सरावगी, राकेश लाक्षाकार, सुनील सोनी, दीपक सरावगी, संजीव तिवारी, सुनील विकास खत्री, लकी वर्मा, भरत सेठ, राघव वर्मा, मनीष खत्री आदि मौजूद रहे। शोभायात्रा का स्वागत पूर्व कें द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने और अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज विकास एवं शोध संस्थान के राकेश सिंगार, अमित सोनी, दिलीप महोबिया, नरेंद्र सोनी, विकास सोनी, जिलाध्यक्ष दिलीप औजार वाले ने पुष्पवर्षा कर किया।
पुराणों में है भगवान जगन्नाथ जी महिमा का बखान
नारद पुराण, पद्म पुराण, स्कंद पुराण और ब्रह्म पुराण में भगवान श्री जगन्नाथ जी की महिमा का उल्लेख है। धार्मिक मान्यता है कि जो श्रद्धालु श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा में शामिल होकर उनके रथ की रस्सी पकड़कर खींचता है तथा रथ के आगे े सफाई का काम करता है, वह भगवान की विशेष कृपा पाता है। आषाढ़ सुदी द्वितीया को भगवान जगन्नाथ जी मंदिर से बाहर निकलकर सबके द्वार - द्वार जाकर दर्शन देते है।