झांसी। अपराधों का खुलासा करने में पुलिस को आने वाले समय में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। जिले में जल्द ही फोरेंसिक साइंस लैब की स्थापना होने जा रही है। वैज्ञानिक तरीके से जांच-पड़ताल होगी और अपराधी का बच निकलना मुश्किल होगा। दस करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस लैब के लिए शासन ने आठ करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करा दी है। राजकीय निर्माण निगम ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रदेश में अभी केवल तीन फोरेंसिक साइंस लैब लखनऊ, आगरा व वाराणसी में हैं। झांसी और आसपास के जिलों में होने वाले अपराधों की जांच में काफी समय लग जाता है, जिससे आपराधिक वारदातों का खुलासे में भी देरी होती है। झांसी में लैब की स्थापना के लिए नगर निगम ने बालाजी रोड पर अंजनी माता मंदिर के पास 2.4 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है। शासन ने इसके लिए स्वीकृत दस करोड़ में से आठ करोड़ रुपये उपलब्ध करा दिए गए हैं।
फायदे
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के फोरेंसिक साइंस विभाग के समन्वयक डा. अंकित श्रीवास्तव ने बताया झांसी में लैब की स्थापना से आपराधिक वारदातों की जांच में तेजी आएगी। सुबूतों के अभाव में अपराधी बच नहीं सकेंगे। विश्वविद्यालय के छात्रों को ट्रेनिंग के लिए लखनऊ, आगरा, चंडीगढ़, दिल्ली आदि स्थानों पर स्थित लैब में भेजा जाता है। झांसी में लैब स्थापित होने से विद्यार्थियों को फोरेंसिक साइंस का अधिक से अधिक व्यवहारिक ज्ञान हासिल करने का मौका मिलेगा।
कुछ भी नहीं छुपेगा
मर्डर मिस्ट्री हो या कागजों की धोखाधड़ी या फिर हो साइबर क्राइम, फोरेंसिक साइंस के जरिये हर अपराध की तह तक पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा ऑडियो-वीडियो टेप /रिकार्डिंग की जांच भी फोरेंसिक साइंस के जरिये बेहद आसान है।
‘फोरेंसिक साइंस लैब की स्थापना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दो माह के भीतर मौके पर काम शुरू करने की तैयारी है।’
आरपी सिंह, परियोजना प्रबंधक, राजकीय निर्माण निगम