झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) नरेश पाल सिंह ने बुधवार को भीमसेन-झांसी रेलखंड का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेल संरक्षा, अवसंरचना विकास, यात्री सुविधाओं और अनुरक्षण (रखरखाव) कार्यों की गहन समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने झांसी स्थित रेल कोच नवीनीकरण कारखाने का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को परखा। निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अनिरुद्ध कुमार और जीएम सचिव अखिल शुक्ल सहित रेलवे मुख्यालय एवं मंडल के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
महाप्रबंधक ने विशेष परख यान (ट्रैक मॉनिटरिंग कार) के जरिए भीमसेन-झांसी रेलखंड का मुआयना किया और रेल पथ, सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली, ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट) तथा समपार फाटकों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने रेल संचालन की सुरक्षा, ट्रैक मेंटेनेंस की गुणवत्ता और चल रहे विकास कार्यों की प्रगति को बारीकी से परखा।
निरीक्षण के क्रम में उन्होंने ''अमृत भारत स्टेशन योजना'' के तहत पुखरायां स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच की। इसके बाद उरई स्टेशन का निरीक्षण कर वहां साफ-सफाई की व्यवस्था और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं को देखा। कोंच स्टेशन पर अनुरक्षण कार्यों से संतुष्ट होकर उन्होंने स्टेशन प्रबंधक को 20 हजार रुपये के संयुक्त नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की और एट-कोंच रेलखंड का भी जायजा लिया।
इसके बाद डायमंड सीमेंट पारीछा साइडिंग के प्लांट हेड अखिलेश ताम्रकार के साथ बैठक कर उद्योग और रेलवे के बीच आपसी समन्वय को लेकर चर्चा की। झांसी स्टेशन पहुंचकर जीएम ने रेल कोच नवीनीकरण कारखाने का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एलएचबी कोचों के वॉश बेसिन और आरएमपीयू (रूफ माउंटेड पैकेज यूनिट) से निकलने वाले अपशिष्ट जल के उपचार एवं उसके पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) के लिए विकसित वाटर रीसाइक्लिंग एवं ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन किया।
इस पूरे निरीक्षण अभियान के दौरान सीनियर डीसीएम अमन वर्मा, सीनियर डीएसटी रश्मि गौतम, सीनियर डीईई अशोक प्रिय गौतम, सीनियर डीईई (टीआरडी) सतबीर सिंह और सीनियर डीओएम अतुल यादव सहित विभिन्न विभागों के निरीक्षक एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।