टहरौली। सीजीआईओआर की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सैंड्रा मिलाच और इक्रीशैट के उपमहानिदेशक डॉ. स्टैनफोर्ड ब्लेड ने टहरौली परियोजना क्षेत्र का भ्रमण कर जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि-वनीकरण और आजीविका संवर्धन कार्यों का जायजा लिया।
ग्राम नोटा स्थित सामुदायिक तालाब पर वैज्ञानिकों ने किसानों और पशुपालकों से संवाद कर वर्षा जल संरक्षण के प्रभावों की जानकारी ली। इसके बाद भगोरा में अमरूद आधारित कृषि-वनीकरण मॉडल तथा भड़ोखर हवेली में एनआरएम और एफपीओ गतिविधियों का अवलोकन किया।
परियोजना टीम ने वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, खेत मेड़बंदी, फसल विविधीकरण और कृषि-वनीकरण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने बुंदेलखंड जैसे जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में जल संरक्षण और जलवायु-सहिष्णु कृषि को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने पर जोर दिया।
भ्रमण के दौरान इक्रीशैट के इंजीनियर केके कौशल, इंजीनियर दीपक त्रिपाठी, विजय सिंह, इंजीनियर ललित किशोर, शिशुवेंद्र कुमार, शैलेंद्र सोनी, विवेक पटेल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।