झांसी। कोरोना से एक बच्ची की मौत हो गई है। उसका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। इसके अलावा जिला अस्पताल में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों व जिला कारागार में बंद कैदी समेत 397 लोग कोरोना की चपेट में आ गए हैं। कोरोना की तीसरी लहर में झांसी में पहली बार एक्टिव केस दो हजार के भी पार पहुंच गए हैं।
ललितपुर की रहने वाली तीन महीने की बच्ची को कोरोना से हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची का एक तरफ का फेफड़ा सिकुड़ा हुआ था। पहले उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। हालत ज्यादा बिगड़ी तो वेंटिलेटर पर रखा गया। मगर उसकी जान नहीं बच सकी।
उधर, शनिवार को झांसी में 2526 सैंपलों की जांच की गई। इसमें 10 ट्रूनेट, 1092 एंटीजन किट और 1424 आरटीपीसीआर मशीन से सैंपल जांचे गए। जांच के दौरान 397 केस कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इसमें जिला अस्पताल के चार स्वास्थ्य कर्मचारी भी संक्रमित हुए हैं। जेल में फिर से कोरोना का हमला हुआ है। तीन कैदियों में भी कोविड की पुष्टि हुई है। इसके अलावा आवास विकास, नंदनपुरा, सीपरी बाजार, सिविल लाइन, दतिया गेट, शिवाजी नगर, ओरछा गेट, बड़ाबाजार समेत विभिन्न इलाकों से संक्रमित सामने आए हैं।
खास बात ये है कि दूसरे राज्यों के भी 28 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। अब झांसी में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 2126 पहुंच गई है। मेडिकल कॉलेज में 31, मिलिट्री अस्पताल में 104 और जिला जेल में नौ मरीज हैं। जबकि, 1720 रोगियों को ज्यादा समस्या न होने पर होम आइसोलेशन में रखा गया है। पांच मरीजों को ठीक होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। 184 का होम आइसोलेशन का समय पूरा हो गया। जिले का रिकवरी रेट घटकर अब 93.07 फीसदी हो गया है।