झांसी। इस सत्र से नगर की पुरानी शिक्षण संस्था राजकीय इंटर कॉलेज में इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई होगी। शुरुआत में कक्षा नौ व ग्यारहवीं के विज्ञान संकाय में यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के अंग्रेजी स्कूलों के सामने यूपी बोर्ड के विद्यालय बुरी तरह से पिछड़ रहे हैं। इसका अंदाजा जीआईसी को देखकर लगाया जा सकता है। यहां किसी जमाने में तीन हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते थे, परंतु अब यहां केवल आठ सौ अध्ययनरत हैं। यूपी बोर्ड के विद्यालयों में गिरती बच्चों की संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। लेकिन, अब बच्चों को यूपी बोर्ड के विद्यालयों की ओर आकर्षित करने के लिए इनकी शिक्षण प्रणाली में बदलाव किया जा रहा है।
जिले में इसकी शुरुआत जीआईसी से हो रही है। यहां 9वीं व 11वीं कक्षा के विज्ञान संकाय में इस सत्र से अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू की जा रही है। इसकी जिम्मेदारी अंग्रेजी के अच्छे ज्ञान वाले विद्यालय के 22 शिक्षकों को सौंपी गई है। इंग्लिश मीडियम कक्षाओं में प्रवेश टेस्ट के माध्यम से लिया जाएगा।
‘कान्वेंट स्कूलों की फीस हर किसी के लिए दे पाना आसान नहीं होता है। ऐसे में जीआईसी में बच्चों को मामूली शुल्क में इंग्लिश मीडियम में पढ़ने का मौका मिलेगा। नई व्यवस्था के लिए जीआईसी में पर्याप्त शिक्षक हैं।’
- पीके मौर्या, प्रधानाचार्य
अलग से नहीं देना होगा शुल्क
झांसी। जीआईसी में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के लिए बच्चों से अलग से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्रवेश फार्म एक ही रहेगा, जिसमें विद्यार्थी ऐच्छिक रूप से अंग्रेजी माध्यम को चुन सकेंगे। विद्यार्थी अंग्रेजी माध्यम में ही परीक्षा देंगे। हिंदी व इंग्लिश मीडियम की कक्षाएं अलग-अलग संचालित की जाएंगी।
स्कूल के हेरीटेज लुक पर काम जारी
झांसी। 1921 में स्थापित हुए जीआईसी के हेरीटेज लुक को बनाए रखने के लिए इसके जीर्णोद्धार का काम जारी है। इसके लिए शासन ने 14.53 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इसमें से 5.27 करोड़ रुपये आवंटित भी किए जा चुके हैं।