जिला महिला अस्पताल मेें पानी की किल्लत चल रही है। यहां बोरिंग ने पानी देना बंद कर दिया है, ट्यूबवेल भी जवाब दे गया है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीज अपने साथ पीने का पानी घर से ला रहे हैं। अस्पताल में प्रसव कराने आई महिलाएं और उनके तीमारदार पानी की किल्लत झेल रहे हैं।
महिला अस्पताल में पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप्प हो गई है। यहां चार बोरिगं हैं, लेकिन जलस्तर नीचे जाने के कारण बोरिंग ने पानी देना बंद कर दिया है। नलों में भी एक समय ही पानी आ रहा है, जो पर्याप्त नहीं है। अस्पताल में पानी का कोई अन्य साधन नहीं होने के कारण यहां आने वाले मरीजों को परेशानी हो रही है। पीने के पानी की तो किल्लत है ही, शौचालयों में भी पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही हैं। पानी की कमी से सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। अस्पताल में रोजाना 250 से 300 मरीज ओपीडी में इलाज को आते हैं। इसमें से 15 से 20 मरीज रोज भर्ती हो रहे हैं। पानी की कमी इन मरीजों को झेलनी पड़ रही है। महिला मरीजों के साथ- साथ तीमारदारों को सामना उठानी पड़ रही है।
नहीं सुन रहा जल संस्थान
जिला महिला अस्पताल में पानी की बेहद कमी है। पानी की कमी के कारण जलसंस्थान के अधिकारियों को समस्या के स्थायी निदान के लिए लिखित रूप से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- डा.वसुधा अग्रवाल, प्रभारी सीएमएस
शौचालय में नहीं आता पानी
अस्पताल में पानी की कमी है। शौचालयों तक में पानी नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते अस्पताल के बाहर से पानी लाना पड़ रहा है। इससे परेशानी हो रही है।
- नसीम, तीमारदार
घर से लाते हैं पानी
एक हफ्ते से अस्पताल में भर्ती हूं। शुरू से ही अस्पताल में पानी कि समस्या है। पीने के पानी की कमी के कारण पानी घर से मंगवाना पड़ रहा है।
- राबिया, मरीज
पुरुष आते हैं तभी आता पानी
ऑपरेशन से बच्चा हुआ है। पेट में टांके लगे हैं, वजन नहीं उठा सकते हैं। अस्पताल के बाहर से पानी लाना पड़ता है। घर से पुरुष आते हैं तभी पानी का इंतजाम हो पाता है।
- वंदना, मरीज