झांसी शिल्प महोत्सव की शनिवार की शाम बुंदेली कलाकारों और स्थानीय विद्यार्थियों के नाम रही। इस दौरान फ्यूजन बैंड के कलाकारों ने भी खूब समां बांधा। गीत-संगीत से सजी महफिल देर शाम तक सजी रही, जिसका दर्शकों ने जमकर मजा लिया।
मुक्ताकाशी मंच पर भेल शिक्षा निकेतन के विद्यार्थियों ने बृज की होली की शानदार प्रस्तुति की। अपनी भाव भंगिमाओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने बृज की परंपरा को मंच पर हूबहू अंदाज में प्रदर्शित किया। इस दौरान बाल कलाकारों ने एकदूसरे पर खूब फूल बरसाए। इस दौरान अन्य प्रस्तुतियों के जरिये मंच पर अपने कला कौशल को बिखेरा। बुंदेली कला संस्थान के कलाकारों ने बुंदेलखंड के मशहूर लोकनृत्य ‘ढिमरयाई’ की प्रस्तुति दी, जो खूब सराही गई। वहीं, फ्यूजन बैंड के स्थानीय व ग्वालियर के कलाकारों ने दर्शकों का खूब दिल जीता। इस दौरान सुनाए गए ‘कजरा मुहब्बत वाला...’ और ‘छाप तिलक सब छीनी...’ खूब पसंद किए गए। इसके अलावा अन्य प्रस्तुतियां भी देर शाम तक जारी रहीं, जिसका लोगों ने जमकर मजा लिया।
प्रतियोगिताएं होंगी
झांसी शिल्प महोत्सव के दौरान उप्र उद्योग व्यापार मंडल की युवा शाखा के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। 26 दिसंबर को दस वर्ष आयु वर्ग में फैंसी ड्रेस /रैंप वॉक प्रतियोगिता होगी। जबकि, 31 दिसंबर को दस साल तक की आयु की माताओं के लिए सुपर मॉम प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा सेल्फी विद महोत्सव प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए जिला उद्योग केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।
मेले में बढ़ी भीड़
शिल्प मेले की शुरुआत बृहस्पतिवार को हुई थी, लेकिन भीड़ तीसरे दिन शनिवार को देखने को मिली। अगले दिन रविवार का अवकाश होने की वजह से भारी संख्या में लोग परिवार के साथ मेला देखने पहुंचे। मेले में देर शाम तक रौनक बनी रही। दुकानों और खान-पान के स्टाल भी गुलजार रहे।