झांसी। प्याज के दामों में पिछले कई दिनों से बनी हुई तेजी अब थम गई है। हालांकि, लहसुन के दामों में उछाल आया है। नई आवक नहीं आने के कारण ऐसा हुआ है। पानी बरसने की वजह से फसल में एक महीने देर हो गई है। दिसंबर में ही राहत मिलने की उम्मीद है।
दो सप्ताह पहले महाराष्ट्र में लगातार पानी बरसने की वजह से प्याज गीली हो जाने के कारण ट्रकों में इनकी लदाई नहीं हो पाई। प्याज की आवक कम हो जाने की वजह से इसके दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई। 40 रुपये में बिकने वाली प्याज 80 रुपये पहुंच गई थी। बारिश थमने के बाद नासिक से आवक शुरू हुई तो भी कुछ दिनों तक दाम जस के तस बने रहे। अब नई प्याज आने से दामों में कमी आ गई है। सब्जी विक्रेता मो. जाकिर ने बताया कि मंडी में प्याज थोक में 35 रुपये और फुटकर में 40 रुपये किलो बिक रही है। हालांकि, लहसुन के दामों के इजाफा हुआ है। पानी बरसने से लहसुन की फसल एक महीने देर हो गई। नया नवंबर में आ जाता है लेकिन अब दिसंबर में आने की उम्मीद है। लहसुन की कई किस्में उपलब्ध हैं। पहले 120 से 130 रुपये किलो बिकने वाला लहसुन मंडी में अब थोक में 130-140 और फुटकर 150-160 रुपये किलो बिक रहा है। मंडी में पंजाब से नए आलू की आवक भी शुरू हो गई है। मंडी में नया आलू थोक में 20 व पुराना 10 और फुटकर में नया आलू 25 और पुराना 12 रुपये किलो बिक रहा है।
मनमाफिक दरों पर भी हो रही बिक्री
मंडी में फुटकर में बिकने वाली सब्जियों और ठेले पर फुटकर में बिकने वाली सब्जियों के दामों में भी काफी अंतर है। स्थिति ये है कि मंडी में 40 रुपये किलो बिकने वाली प्याज ठेले पर 60-70 रुपये किलो में बिक रही है। इसके अलावा मंडी में 25 रुपये नया और 12 रुपये पुराना प्रति किलो बिकने वाला आलू ठेले पर 30 रुपये में नया और 20 रुपये में पुराना बेचा जा रहा है। मंडी में 150-160 रुपये किलो बिकने वाला लहसुन ठेले पर 220 से 240 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है।
ये हैं फुटकर की दरें
सब्जी दरें 15 दिन पहले
आलू 30 (नया), 20 (पुराना) 40 (नया), 25 (पुराना)
गोभी 40 30
शिमला मिर्च 60 80
बैंगन 30 60
पत्तागोभी 60 40
टमाटर 40 80
कद्दू 40 40
फली 60 80
भिंडी 40 40
गाजर 60 80
सोयामैथी 60 80
मटर 160 200
(नोट: दाम ठेले पर फुटकर में प्रति किलो बिक्री के)