रेल प्रशासन भले ही सीपरी बाजार ओवरब्रिज के थमे काम के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया से गार्डर के लिए लोहा न मिलना कारण बता रहा हो, दूसरी तरफ झांसी- बबीना के बीच थर्ड लाइन (तीसरी लाइन) पर बन रहे पुलों के लिए धड़ाधड़ गार्डर मिलते जा रहे हैं। इससे रेलवे की नीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही, ओवरब्रिज का निर्माण पूरा न होने से लोगों की दिक्कतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। ओवरब्रिज का निर्माण होने की अवधि बढ़ती ही जा रही है।
सीपरी बाजार ओवरब्रिज का काम गार्डर न आने के कारण पिछले दस महीने से गति नहीं पकड़ पा रहा है। अभी पटरियों के ऊपर 50 मीटर के छह और सीपरी बाजार टंकी की तरफ 36 मीटर के छह गार्डर रखने का काम बाकी रह गया है। यहां के लिए उत्तराखंड के काशीपुर से गार्डर बनकर आने हैं। मगर, रेल प्रशासन का कहना है कि स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड से गार्डर बनाने के लिए लोहा नहीं मिल पा रहा है। उम्मीद थी कि मार्च में लोहा मिलने पर तीन महीने में गार्डर मिल जाएंगे, लेकिन मई भी गया। गार्डर कब तक मिल सकेंगे? इसका भी कोई अता पता नहीं है। रेलवे के निर्माण शाखा के अधिकारी भी अब इस मामले में कुछ भी कहने से बचने लगे हैं। प्रदेश सरकार ने 2012 में ओवर ब्रिज निर्माण को स्वीकृति दी थी। राज्य सेतु निगम अपने हिस्से का काम 2016 में पूरा कर चुका है। रेलवे अपने हिस्से का काम पिछले ढाई साल से कर रहा है।
इधर, झांसी-बबीना के बीच 26 किलोमीटर में तीसरी रेल लाइन डालने का काम तेजी से चल रहा है। पहले चरण में बबीना से बसई के बीच 13 किलोमीटर लाइन बिछाने का काम पूरा किया गया। दूसरे चरण में झांसी से बबीना (25.35 किलोमीटर) के बीच पटरी डालने का चल रहा है। इन दिनों झांसी और बबीना के बीच पड़ने वाले चार बड़े और 18 पुलों का निर्माण चल रहा है। इसमें 12 छोटे पुल और झांसी से बिजौली के बीच एक बड़े पुल का निर्माण भी पूरा हो चुका है। चार बड़े पुलों में तीन पुलों के लिए गार्डर भी आ गए हैं। अब इन पुलों के शीघ्र बनने का भी रास्ता साफ हो गया है। बिजौली और खजराहा पर स्टेशन की नई बिल्डिंग तैयार होने लगी है। अगर, सब कुछ ठीक रहा तो इस साल के आखिर तक झांसी- बबीना- बसई के बीच तीसरी लाइन पर ट्रेनें दौड़ना शुरू हो जाएंगी।
डबल ट्रैक के लिए समतलीकरण का काम शुरू
झांसी। मानिकपुर डबल ट्रैक के लिए बुधवार से मऊरानीपुर के निकट समतलीकरण का काम शुरू हो गया। मालूम हो कि झांसी-खैरार-मानिकपुर व खैरार-भीमसेन डबल ट्रैक के लिए तीन हजार करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत है। झांसी से मानिकपुर के बीच 310 किलोमीटर और भीमसेन से खैरार के बीच 115 किलोमीटर डबल ट्रैक बनना है। इस काम की अब शुरुआत होने जा रही है। झांसी से मानिकपुर के बीच के काम को छह भागों में बांटा गया है। काम की शुरुआत बरुआसागर से मऊरानीपुर (42 किलोमीटर) और हरपालपुर से महोबा (52 किलोमीटर) से होना है। इन दोनों खंडों के बीच बेतवा, केन और धसान नदी पर बड़े पुल बनने हैं। पुल बनने का काम जल्दी हो सके, इसके लिए इन खंडों को चुना गया है। झांसी से मऊरानीपुर के बीच काम पूरा करने के लिए तीन कंपनियों ने संयुक्त रूप से ठेका लिया है।
पुलों में 36 मीटर लंबे गार्डर लगाए जा रहे हैं, जो आराम से मिल जाते हैं। जबकि, सीपरी बाजार ओवरब्रिज के लिए 50 मीटर लंबे गार्डर चाहिए। इन गार्डरों को बनने में वक्त लग रहा है। - संजय सिंह नेगी, अपर मंडल रेल प्रबंधक।