झांसी। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर सोमवार से गल्ला मंडी में हड़ताल रहेगी। ऐसे में किसान अपनी उपज को मध्य प्रदेश के व्यापारियों को भी बेच सकते हैं। इस स्थिति में बुंदेलखंड की मंडी समितियों का 50 लाख तक का राजस्व प्रभावित हो सकता है।
उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्रा के आह्वान पर प्रदेश की सभी गल्ला मंडी बंद रहेंगी। झांसी गल्ला मंडी व्यापार मंडल के अध्यक्ष उमेश गुप्ता और संरक्षक प्रताप सिंह राठौर ने बताया कि मंडी शुल्क में समानता जरूरी है। नए अध्यादेश के तहत मंडी समिति में बिक्री करने पर ढाई प्रतिशत शुल्क लगेगा और मंडी परिसर के बाहर कोई शुल्क नहीं। इससे मंडी के पंजीकृत व्यापारियों के व्यापार पर असर पड़ेगा। प्रांतीय उपाध्यक्ष महेश चंद्र राय ने कहा कि जब तक मंडी शुल्क एक समान नहीं होगा, तब तक प्रदेश स्तर पर लड़ाई जारी रहेगी। हरभजन साहू, आलोक राय, बालकिशन, अमित अग्रवाल, रमेश चंद्र गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, सुबोध गुप्ता, अशोक अग्रवाल, दीनदयाल चौधरी, आनंद गेड़ा, संतोष, प्रमोद अग्रवाल, अर्जुन दास गोयल ने बंद का समर्थन किया। व्यापारियों ने बताया कि हड़ताल की वजह से मंडी समिति की आय में पचास लाख तक का असर पड़ सकता है।
मंडी शुल्क में समानता जरूरी
झांसी। झांसी उत्तर प्रदेश व्यापारी मंडल की बैठक केंद्रीय कार्यालय पर हुई, इसमें प्रदेश अध्यक्ष संजय पटवारी ने कहा कि मंडी शुल्क में समानता जरूरी है, तभी संपूर्ण प्रदेश की मंडी में व्यापार एक साथ हो सकेगा। महानगर अध्यक्ष पंकज शुक्ला, जिलाध्यक्ष अरुण गुप्ता ने कहा कि जब तक मंडी शुल्क एक समान नहीं होगा, तब तक संघर्ष करेंगे। इस दौरान संजय सराफ, सुनील नैनवानी, सालिगराम राय, अंकुर बट्टा, प्रदीप गुप्ता, मनीष रावत, मधुकर निरंजन, अनुज नीखरा, अभिषेक सोनकिया, सजल जैन, मृत्युंजन तिवारी मौजूद रहे।
यह है स्थिति
26 मंडियों में बड़ी-छोटी हैं।
व्यापारी मंडी बंद रखेगा तो किसान माल को लेकर नहीं आएगा।
मध्य प्रदेश चला जाएगा बेचने के लिए