चिरगांव। गल्ला मंडी में मूंगफली के कम दामों पर बिकने के कारण किसानों ने जमकर हंगामा काटा और मंडी केे गेट पर प्रदर्शन किया, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला, लेकिन व्यापारियों ने डाक पर जाने से साफ इंकार कर दिया, जिससे किसानों को अपने ट्रैक्टर लेकर वापस लौटना पड़ा।
बुधवार को गल्ला मंडी मेें हमेशा की तरह नीलामी चबूतरा पर मूंगफली की डाक हो रही थी, इसी बीच दोपहर करीब 12 बजे कुछ किसान हंगामा करते हुए आए और एक व्यापारी का नाम लेते हुए कहा कि जब तक वह नहीं आ जाएगा, तब तक डाक नहीं होगी। हंगामा होते देख डाक पर आए व्यापारी चले गये। किसानों का कहना था कि कल मूंगफली 4200 रुपये बिकी थी, जबकि बुधवार को 3200 रुपये ली जा रही है। बाद में किसानों ने मजदूर नेता अनिल शर्मा के नेतृत्व में मंडी में जमकर प्रदर्शन किया, उन्होंने मंडी के मुख्य दरवाजे के गेट के फाटक बंद करते हुए जाम लगा दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची उन्होंने जाम खुलवाया तथा मंडी सचिव से बात की, बाद में पुलिस और मंडी सचिव व्यापारी नेताओं के पास पहुंचे और डाक शुरू कराने को कहा। मंडी के व्यापारियों ने कहा कि धान की डाक शुरू करा दी। लेकिन मूंगफली की डाक पर कोई व्यापारी नहीं गया, मंडी सचिव ने बहुत समझाने का प्रयास किया लेकिन व्यापारी तैयार नहीं हुए। परेशान होकर किसानों को अपने-अपने ट्रैक्टर वापस ले जाने पड़े।
गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश जैन ने कहा कि कुछ लोग मंडी में व्यवधान पैदा कर रहे हैं, वे आये दिन किसानों को भड़का देते हैं और किसान भी व्यापारियों के साथ बदतमीजी करते हैं, यह कई बार हो चुका है। तंग आकर व्यापारियों ने डाक पर जाने से इंकार कर दिया है। गल्ला व्यापारी हेमंत खंताल का कहना है कि कुछ व्यापारी ऐसे हैं जो कि मंडी में किसानों को भड़काकर हंगामा करा रहे हैं, जबकि डाक पर खुली नीलामी हो रही है, कोई भी लायसेंस धारक बोली लगा सकता है। रेट के बारे में उनका कहना था कि जैसे रेट अन्य मंडियों में होते हैं उसी के अनुसार व्यापारी खरीदते हैं। इसके बाद भी किसान स्वतंत्र है वह कहीं भी बेच सकता है।
मजदूर नेता अनिल शर्मा ने कहा कि चिरगांव मंडी में किसानों के शोषण की जानकारी मिली थी, जिस पर उन्होंने मंडी सचिव से बात की। बाद में तहसीलदार मौके पर पहुंचे और उन्होंने व्यापारियों से बात की, जिसमें बताया गया कि गुरुवार को तहसीलदार की मौजूदगी में नीलामी कराई जाएगी। किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी ।