बुधवार की दोपहर मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर तहसील के सेतपुरा गांव में खेत पर खेल रहा तीन वर्षीय बालक दो सौ मीटर गहरे बोरवेल में गिर गया। बच्चे को देर रात तक नहीं निकाला जा सका था। सेना और एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई थीं।
गांव निवासी हरिकिशन ने पांच दिन पहले खेत पर पानी के लिए बोर कराया था। बुधवार को पाइप डालने का काम चल रहा था। दोपहर के समय काम करने वाले और परिवार के लोग खाना खाने लगे। इसी दौरान हरिकिशन का तीन वर्षीय पुत्र प्रह्लाद खेलते- खेलते वहां पहुंच गया। वह खुले बोरवेल में गिर गया। यह देखकर हड़कंप मच गया। घटना की सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दी गई। मौके पर फायर ब्रिगेड समेत अफसरों की टीम पहुंच गई।
बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता मिलती न देख सेना को सूचना दी गई। झांसी से सेना और लखनऊ से एनडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर मोेर्चा संभाला। अधिकारियों के मुताबिक करीब साठ फुट नीचे बच्चा फंसा हुआ है। दोपहर तक बच्चे की आवाज आ रही थी। बोरवेल के अंदर बच्चे को ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। सेना द्वारा बोरवेल के समानांतर ही सुरंग बनाने का काम तेजी से किया जा रहा हैै। इसके लिए छह एलएनटी मशीनें लगाई गईं हैं।
माता- पिता का रो-रोकर हाल बुरा
बच्चे के पिता हरिकिशन और मां कपूरी देवी का रो- रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि रेस्क्यू काफी देर से शुरू किया गया, इस कारण बच्चे को निकालने में देरी हो रही है।
सिर के बल गिरा है बच्चा
जिला प्रशासन के अफसरों का कहना है कि देर रात तक बचाव कार्य जारी रहेगा। बच्चा सिर के बल गिरा है इस कारण वह उलटी तरफ से फंसा हुआ है। बचाव कार्य में झांसी की सेना के अफसरों समेत चौबीस जवान लगे हुए हैं। इसी तरह एनडीआरएफ के बारह सदस्यों समेत एमपी पुलिस व प्रशासन के अफसर व कर्मचारी जुटे हुए हैं। बच्चे की जिंदगी के लिए गांव समेत आसपास क्षेत्र में लोग मंदिरों में जाकर विनती कर रहे हैं।