गड्ढा मुक्ति परियोजना जांच के घेरे में
झांसी। सिंचाई विभाग ने गड्ढा मुक्ति योजना के तहत डाले गए टेंडर कम रेट पर आने के बाद भी निरस्त कर दिए। इसकी शिकायत शासन से की गई थी। शासन के आदेश पर कानपुर के अधीक्षण अभियंता से मामले की जांच करवाई जा रही है। साथ ही एक जांच मुख्य अभियंता भी अपने स्तर पर करवा रहे हैं।
सिंचाई विभाग के झांसी प्रखंड बेतवा नहर कार्यालय ने मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी गड्ढा मुक्ति योजना के तहत 28 नवंबर 2018 को चार कामों के लिए 1.18 करोड़ के टेंडर निकाले थे। इसमें पारीछा बांध से मुख्य मार्ग पर आने वाली नहर के बगल मेें सड़क का निर्माण दो भागों में (1.2 किलोमीटर) में होना था। इसी तरह मोंठ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिमरिया रजवाहा नहर के बगल में सड़क का निर्माण (1.7 किलोमीटर) में होना है। टेंडर की वित्तीय बिड 10 दिसंबर 2018 को खोली गई, जिसमें टेंडर 44 लाख रुपये कम रेट पर डाले गए। मगर इस प्रक्रिया को अधिशासी अभियंता ने 18 दिसंबर को निरस्त कर दिया।
उक्त कार्यों के लिए महज 10 दिनों के भीतर दोबारा टेंडर 27 दिसंबर को निकाल दिए गए। इसमें दो कार्यों के लिए पांच से दस प्रतिशत कम रेट पर ही टेंडर डाले गए। इसमें भी दो कार्य अधिशासी अभियंता ने रोक दिए। इस प्रक्रिया में पूर्व में पात्र ठेकेदारों के टेंडर अपात्र कर दिए गए। इसकी शिकायत शासन से की गई थी। शासन के आदेश पर कानपुर के अधीक्षण अभियंता से मामले की जांच करवाई जा रही है। साथ ही स्थानीय स्तर पर मुख्य अभियंता बेतवा अनूप श्रीवास्तव ने जांच चतुर्थ मंडल के अधीक्षण अभियंता केवी लाल को सौंपी है।
पहली बार के टेंडर में पात्र ठेकेदार नहीं थे। इसलिए टेंडर प्रक्रिया को निरस्त किया गया। पारीछा नहर के पास सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। सिमरिया रजवाहा में आधी सड़क बन चुकी है। बाकी काम के लिए टेंडर होना है। बरसात के बाद यह काम शुरू करेंगे।
संजय कुमार, अधिशासी अभियंता बेतवा नहर प्रखंड झांसी।