शंकर सिंह का बगीचा निवासी प्रोपर्टी डीलर विकास राय (विक्की) ने तगादे से तंग आकर खुद को गोली मारकर आत्महत्या की थी। यह कहना है कोतवाली पुलिस का। शुक्रवार शाम हुई घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण तो किया, लेकिन जिस तमंचे से गोली चली, उसे बरामद नहीं कर सकी। प्रोपर्टी डीलर की मौत को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
विशाल ने बताया कि उसका बड़ा भाई विकास (36) दूध के पुश्तैनी कारोबार के साथ-साथ प्रोपर्टी डीलिंग का काम करने लगा था। उसने एक परिचित से कुछ रुपये लिए थे, जो चुका दिए थे, फिर भी उसका कर्ज खत्म नहीं हुआ। वह तगादे करने के साथ-साथ धमकियां भी देता था। पिछले तीन-चार दिन से विकास परेशान चल रहा था। शुक्रवार की रात करीब नौ बजे विकास घर पर आ गया था। वह उसके साथ कमरे में बैठकर बात कर रहे थे, तभी दरवाजे की घंटी बजी।
विकास ने दरवाजा खोला, तो उसका दोस्त बाहर खड़ा था। दोस्त से कुछ देर बात करने के बाद वह बरामदे में आकर बैठ गया। कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी, जिस पर विशाल और उसके पिता राजेंद्र प्रसाद राय दौड़कर मौके पर पहुंचे, जहां विकास लहूलुहान पड़ा था। वह विकास को लेकर मेडिकल कॉलेज गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस को तमंचा नहीं मिला। विशाल का कहना है कि उनका पूरा परिवार हड़बड़ाया हुआ था। इस बीच पुलिस ने बोल-बोलकर जो लिखवाया, वह लिख दिया था। वहीं, क्षेत्र में तमंचा नहीं मिलने से तरह-तरह की चर्चा फैली हुई है। कोतवाली प्रभारी आशीष मिश्रा का कहना है कि आत्महत्या में प्रयुक्त तमंचा नहीं मिला है। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।