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बबीना में इस बार किसकी बारी

Sun, 08 Jan 2017 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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election news jhansi - फोटो : demo
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बबीना की जनता ने विधानसभा चुनाव में अब तक सभी प्रमुख दलों को मौका दिया है। आजादी के बाद अब तक हुए 13 चुनावों में कांग्रेस चार, बसपा तीन, भाजपा तीन और सपा एक बार जीती है। जनसंघ और जनता पार्टी भी एक बार जीत चुकी है। पिछले दो बार से बसपा को मौका मिल रहा है और इस बार वह फिर पूरी ताकत झोंक रही है। बसपा और सपा ने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। 
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने की संभावना के चलते पिछले दिनों बबीना विधानसभा क्षेत्र पूरे प्रदेश में चर्चा में रहा। हालांकि, इस सीट पर सपा ने अब तक केवल एक बार ही जीत दर्ज की है, लेकिन पार्टी पिछले दो चुनावों में यहां मुख्य मुकाबले में रही है। बसपा पिछले दो चुनावों से यहां अपना परचम फहरा रही है। जीत की हेट्रिक की उम्मीद के साथ पार्टी एक बार फिर मैदान में है। लगातार तीन जीत दर्ज करने के बाद भाजपा पिछले तीन चुनावों में बबीना में मुख्य मुकाबले में भी नहीं पहुंच पाई है, लेकिन इस बार पार्टी बदलाव की उम्मीद के साथ मैदान में है। चार बार बबीना से जीत हासिल करने वाली कांग्रेस विधानसभा के पिछले सात चुनावों से बबीना में हाशिये पर है। लेकिन, इस बार कांग्रेस को उम्मीद है कि वह बबीना में ‘27 साल यूपी बदहाल’ के अपने नारे को बबीना में भुनाने में कामयाब हो सकती है।

अब तक का रिकार्ड 
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2012- कृष्णपाल राजपूत (बसपा), 2007- रतनलाल अहिरवार  (बसपा), 2002- रतनलाल अहिरवार  (सपा), 1996- सतीश जतारिया (बसपा), 1993- रतनलाल अहिरवार (भाजपा), 1991- रतनलाल अहिवार (भाजपा), 1989- रतनलाल अहिरवार (भाजपा), 1985- बेनीबाई (कांग्रेस), 1980- बेनीबाई (कांग्रेस), 1977- भगवत दयाल (जेएनपी), 1974- भगवत दयाल (बीजेएस), 1969- सुदामा प्रसाद (कांग्रेस) तथा 1967- एस पी गोस्वामी (कांग्रेस)     
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कृषि आधारित है बबीना
बबीना विधानसभा की आबादी 5,15,576 है। इनमें 3,22,984 मतदाता हैं। क्षेत्र की बड़ी आबादी कृषि पर आधारित है। कस्बे से लगी हुई सेना की बड़ी छावनी है। क्षेत्र में वन्य क्षेत्र का बड़ा हिस्सा है। यह विधानसभा क्षेत्र झांसी के इर्दगिर्द फैला है। बबीना विधानसभा क्षेत्र में ललितपुर रोड पर बबीना कस्बा, शिवपुरी रोड रक्सा, कानपुर रोड पर चिरगांव कस्बा है। बरुआसागर, बड़ागांव जैसे छोटे कस्बे भी बबीना में हैं। कारोबार के नाम पर क्षेत्र में छोटी - बड़ी दुकानें भर ही हैं।  

सपा और बसपा के प्रत्याशी तय 
बबीना विधानसभा से समाजवादी पार्टी ने पूर्व एमएलसी श्यामसुंदर सिंह यादव को प्रत्याशी बनाया था। जबकि, बहुजन समाज पार्टी ने निवर्तमान विधायक कृष्णपाल सिंह राजपूत पर ही दांव लगाया है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी व कांग्रेस के अब तक प्रत्याशी तय नहीं हुए हैं। 

दावे अपने-अपने 
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हमारे साथ हैं किसान 
बबीना की आबादी कृषि आधारित है। हम पहले किसानों के कर्ज माफ कर चुके हैं और अब हम समर्थन मूल्य बढ़ाने व बिजली बिल माफ करने की बात कर रहे हैं। इन मुद्दों पर जनता हमारे साथ है। बबीना में यही हमारी जीत का आधार है। गैर कांग्रेसी सरकारों ने 27 सालों में यूपी को बदहाली में धकेल दिया है। 
- चंद्रशेखर तिवारी, जिलाध्यक्ष - कांग्रेस 

बबीना में किया बहुत काम 
आपदा पीड़ित किसानों को प्रदेश सरकार ने मुआवजा बांटा, राशन किट व समाजवादी पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दिया। पानी समस्या के स्थायी समाधान के लिए लिफ्ट सिंचाई योजना पर काम हो रहा है। नये स्कूल बनाए जा रहे हैं व सड़क सुधार पर भी बहुत काम हुआ है। यह वजह है कि क्षेत्र की जनता हमारे साथ है।
- छत्रपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष - सपा 

अब बदलाव चाहती है जनता 
बबीना में पिछले चार चुनाव बसपा और सपा के नाम रहे। खोखले वादों की दम पर इन पार्टियों ने जनता के वोट हासिल किए। लेकिन, अब जनता सब समझ चुकी है, वह बदलाव चाहती है। लोग भाजपा से उम्मीद लगाए हैं। केन - बेतवा गठजोड़ के साकार रूप लेने पर बबीना में पानी की समस्या का अंत हो जाएगा। 
- संजय दुबे, जिलाध्यक्ष - भाजपा 

सुशासन के साथ है जनता 
सपा के पांच साल के कार्यकाल में बबीना की जनता को गुंडई झेलनी पड़ी। भाजपा अपने ढाई साल के कार्यकाल में कुछ नहीं दे पाई। बगैर प्लानिंग की गई नोटबंदी से क्षेत्र के मजदूर - किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ऐसे में अब जनता बसपा के सुशासन के साथ खड़ी हुई है।
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- भूपेंद्र आर्या, जोनल कोआर्डिनेटर - बसपा    
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