रेलवे में ढाई लाख से अधिक पद खाली हैं। इसकी जानकारी झांसी के युवाओं ने जन सूचना अधिकार से हासिल की है। नई भर्तियां न होने से उनमें निराशा है। उनकी मांग है कि भर्तियां की जाएं, ताकि बेरोजगारी किसी हद तक दूर हो सके।
रेलवे नौकरी उपलब्ध कराने की एक बड़ी सरकारी संस्था है। रेल मंत्रालय के नियमों में हैं कि उनके भर्ती बोर्ड हर दो साल में रिक्त पदों को भरने के लिए नौकरियां निकालेगा, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। रेलवे भर्ती सेल ने 2013 से चतुर्थ श्रेणी की एक भी नई भर्ती नहीं निकाली है। 2016 में रेलवे बोर्ड चार साल बाद गैर तकनीकी लोकप्रिय श्रेणी (तृतीय श्रेणी) में 18252 पदों के लिए जगह निकाली थीं, लेकिन यह भर्ती प्रक्रिया भी अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। इस परीक्षा को ऑन लाइन कराया गया था, लेकिन होम सेंटरों में पकड़ी गई नकल के कारण नोएडा, इलाहाबाद और दिल्ली में निरस्त करना पड़ा।
पिछले दिनों झांसी के युवाओं ने जन सूचना अधिकार के तहत रेलवे बोर्ड से रिक्त पदों की जानकारी हासिल की, जिसके मुताबिक दक्षिण पश्चिम रेलवे में 42478, उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर में 11642, पूर्व मध्य रेलवे में 16528, पश्चिम रेलवे मुंबई में 16184, झांसी कारखाने में 4649 समेत सभी मंडलों में ढाई लाख के करीब पद खाली हैं। रेलवे में नई भर्ती न निकलने से वे शिक्षित युवा सबसे अधिक परेशान हैं, जो जिनकी आयु का दायरा सरकारी नौकरियों में खत्म होने के कगार पर है।
शीघ्र करें भर्तियां
रेलवे बोर्ड को रिक्त पदों का विज्ञापन शीघ्र प्रकाशित करना चाहिए। साथ ही ऑनलाइन परीक्षाओं में होम सेंटर न देकर मुख्यालयों पर कड़ी सुरक्षा में आयोजित करनी चाहिए।
परवेज हसन, प्रतियोगी छात्र
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समय पर मिलें अवसर
सरकारी नौकरी पाने को युवा जी तोड़ मेहनत करते हैं। भारत युवाओं का देश है। यह बात पीएम मोदी भी मानते हैं। तो फिर युवाओं को नौकरी के लिए समय पर अवसर देना चाहिए।
धीरज नरवरिया, छात्र
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बड़े उद्योग धंधे नहीं
बुंदेलखंड में बड़े उद्योग धंधे नहीं हैं। यहां के ज्यादातर युवा रेलवे जैसी नौकरियों पर आश्रित है। इस कारण युवा पलायन कर रहा है। इससे बड़े शहरों में भीड़ बढ़ती जा रही है।
रोहित , छात्र