झांसी। ललितपुर के तालबेहट थानांतर्गत बेतवा नदी के झरर घाट पर हत्या करके फेंके गए शव के मामले का रक्सा थाना पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। हत्या किसी और ने नहीं बल्कि युवक के दोस्तों ने ही की थी। युवक का दोष इतना था कि उसने दोस्तों को आए दिन घर पर न आने के लिए कहा था।
रक्सा थानाध्यक्ष ने बताया कि करौंदी माता मंदिर के पास रहने वाला रोशन दुबे पुत्र भैयालाल सीपरी बाजार थानांतर्गत रसबहार के पास दुकान पर काम करता था। वह प्रतिदिन रात 10 बजे घर पहुंच जाता था, मगर दो मार्च 2015 को घर नहीं पहुंचा। तीन मार्च को उसके भाई गनेश कुमार दुबे ने थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराई। चार मार्च को झरर घाट पर अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा मिला। पुलिस ने अज्ञात में पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए शव भेज दिया। पांच मार्च को परिजनों ने ललितपुर पहुंचकर शव की शिनाख्त रोशन दुबे के रूप में की।
परिजनों ने तालबेहट थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई, जो निल पर दर्ज करके थाना रक्सा भेज दी गई। इस ब्लाइंड मर्डर के खुलासे में लगे थानाध्यक्ष ने मोबाइल कॉल डिटेल से हत्या करने वालों को चिह्नित किया। शुक्रवार की शाम पुलिस ने गांव डेली से महेंद्र सिंह यादव पुत्र कमल सिंह यादव निवासी सिजवाहा, सोनू राजपूत पुत्र महिपत राजपूत निवासी जमुनिया ओरछा हाल निवासी कंचनपुर थाना रक्सा और आजाद पाल पुत्र जुगत पाल निवासी पुनावली को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ करने पर महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि रोशन उसका अच्छा दोस्त था, जिसकी वजह से घर पर आना जाना था। कुछ समय से वह घर जाने का विरोध करने लगा, जो उसे गवारा नहीं हुआ। उसने रोशन की हत्या का तानाबाना बुना। दो मार्च को अपने भांजे की आल्टो कार लेकर रोशन के पास दुकान पर पहुंचा और पार्टी मानने का दबाव बनाया। षड्यंत्र के तहत रोशन को रात 10 बजे डेली गांव के पुल के नीचे बुलाया गया। वह, सोनू व आजाद उसे कार में बैठाकर ले गए और एक ढाबे पर शराब पिलाई।
इसके बाद कार में बैठाकर बबीना रोड पर ले गए, जहां तीनों ने रस्सी का फंदा बनाकर गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को तालबेहट के झरर घाट में जाकर फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि कार की तलाश की जा रही है। हत्यारोपियों के मोबाइल कब्जे में ले लिए गए हैं।