सरकारी नीतियों के विरोध में बुधवार को हुई राष्ट्रव्यापी हड़ताल का झांसी
में खासा असर रहा। हड़ताल से बैंकों में तालाबंदी रही। इससे एक ही दिन में
जिले में लगभग सवा सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। जबकि, रोडवेज बसों
का चक्काजाम होने से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। सरकारी
कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित रहा। इस दौरान कर्मचारी संगठनों ने धरना
- प्रदर्शन कर सरकारी नीतियों को कोसा।
जिला संयुक्त ट्रेड यूनियन
समन्वय समिति के तत्वावधान में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के बैनर तले
कर्मचारी सुबह ध्यानचंद स्टेडियम के पास एकत्र हुए। यहां से वाहन रैली
निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होती हुई एलआईसी शाखा क्रमांक एक पर सभा
में तब्दील हो गई। यहां जिला ट्रेड यूनियन समन्वय समिति के अध्यक्ष जे एन
पाठक की अध्यक्षता में हुई सभा में बैंक कर्मचारी नेता आर पी गुप्ता,
एलआईसी के के एस सिसोदिया, बैंक इंपलाइज यूनियन के अशोक महावर, शिक्षक नेता
लखनलाल यादव, अजय यादव, प्रसून तिवारी, विनोद शर्मा, लाल दीवान यादव, अजय
यादव, प्रसून तिवारी, विनोद शर्मा, प्रभात सिरौठिया, हाकिम सिंह यादव, सी
पी भार्गव, हरीप्रकाश, पंकज श्रीवास्तव आदि ने विचार प्रकट करते हुए पुरानी
पेंशन बहाली की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार की श्रम विरोधी नीति का
पुरजोर विरोध किया जाएगा।
केंद्र सरकार के रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी
बिल 2014 के विरोध में यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के आह्वान पर रोडवेज
कर्मी हड़ताल पर रहे। इस दौरान बसों का संचालन नहीं होने दिया गया।
कर्मचारियों के आंदोलन का नेतृत्व तौकीर हबीब व धर्मेंद्र तिवारी ने किया।
इस मौके पर राजेंद्र यादव, संतराम यादव, निजाम खां, अजय बिदुआ, अनिल
चतुर्वेदी, मिथलेश सोनी, वेदप्रकाश बोहरे, शराफत अली, प्रकाश कुमार तिवारी,
श्यामसुंदर दुबे, आदित्य पचौरी आदि मौजूद रहे।
राज्य कर्मचारी महासंघ
के तत्वावधान में प्रांतीय सचिव दिनेश भार्गव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट
में सभा हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारी जुलूस के रूप में
नारेबाजी करते हुए आए। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए मिनिस्ट्रीयल
एसोसिएशन ऐरीगेशन डिपार्टमेंट जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार, राज्य कर्मचारी
महासंघ के अध्यक्ष डा. डी पी सिंह गौर, मनोहर श्रीवास, हेमंत वर्मा,
राजाराम यादव, अरुण कुमार सागर, विकास राय, संजय चौहान, देवेंद्र सिंह
बुंदेला, किरण चौधरी, शशि प्रभा, नजमा, रोशनलाल, प्रिंस, विनोद कुमार
मिश्रा, राजीव अग्रवाल, संतोष कुशवाहा, नीरज नामदेव, राजेश कुमार आदि ने
विचार प्रकट किए। संचालन मिनिस्ट्रीयल फेडरेशन के अध्यक्ष ग्यासी लाल ने
किया। आभार रामबाबू विश्वकर्मा ने जताया।
हड़ताल का भेल कारखाने में
भी खासा असर देखने को मिला। भेल संयुक्त संघर्ष समिति के विभिन्न यूनियनों
की भेल के मुख्य द्वार पर द्वार सभा हुई, जिसमें वक्ताओं ने न्यूनतम वेतन
कानून में संशोधन करते हुए इसे सबके लिए लागू करने, ठेका मजदूरों को नियमित
मजदूरों के समान वेतन /भत्ते देने, सबके लिए पेंशन सुनिश्चित करने, श्रम
कानूनों को सख्ती से लागू करने समेत कई मांगें रखीं। इस मौके पर योगेंद्र
यादव, पर्वत सिंह कुशवाहा, कृष्णा सिंह, जागेश्वर प्रसाद, सगीर अहमद, विकास
गुप्ता, वाई एस राठौर, सुरेश कुमार, विजय गुप्ता, प्रवीण कुलश्रेष्ठ, संजय
द्विवेदी, दयालीराम, दशरथ सिंह, रविंद्र नायक, हरजिंदर आदि मौजूद रहे।
डाक
कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहे। आंदोलन को सफल बनाने में आर के
त्रिवेदी, हनुमंत हरि पांडेय, नवल किशोर सिंह, के के यादव, गोविंददास
रायकवार, धर्मेंद्र सविता, अभिनव शुक्ला आदि की भूमिका रही।
आयकर
कर्मचारी महासंघ वर्ग ग एवं घ यूनिट के कर्मचारी बारह सूत्रीय मांगों को
लेकर हड़ताल पर रहे। इस दौरान हुई गेट मीटिंग में अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह व
सचिव देवेंद्र सिंह चौहान ने मांगों को न्यायसंगत बताया।
कांग्रेस
कार्यालय पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के मुख्य आतिथ्य व
जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी की अध्यक्षता में सभा हुई, जिसमें कर्मचारियों
की हड़ताल का समर्थन किया गया।
धड़ाधड़ जारी किए अस्थायी परमिट
झांसी।
कर्मचारी हड़ताल के दौरान रोडवेज बसों के पहिये पूरी तरह से जाम रहे। इससे
यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। इससे निपटने के लिए परिवहन विभाग द्वारा
बस स्टैंड पर विशेष काउंटर स्थापित किया गया, जिसमें प्राइवेट बसों के
हाथों हाथ अस्थायी परमिट जारी किए गए। एआरटीओ (प्रवर्तन) सर्वेश कुमार सिंह
ने बताया कि विभाग द्वारा आधा दर्जन अस्थायी परमिट जारी किए गए। इसके
अलावा बसों की कमी के चलते छोटे मैजिक वाहनों ने खूब सवारियां ढोईं।