झांसी। शासन की मंजूरी मिलते ही शहर में जल्द ही नए छह थाने खुलेेंगे। बढ़ती आबादी को देखते हुए महानगर की छह चौकियों को थानेे में तब्दील करने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है। प्रस्ताव पास होते ही जिले में 27 के स्थान पर 33 थाने हो जाएंगे। इसके लिए जनपद के पुलिस अधिकारियों ने बड़े स्तर पर कवायद शुरू कर दी है।
जिले की बढ़ती आबादी को देखते हुए नए थाने बनाने का फैसला लिया गया है। पहले की आबादी के हिसाब से बने थानों से र्नई आबादी की दूरी ज्यादा है। घटना होने के बाद पुलिस को घटनास्थल पर जाने में समय लग जाता है। फरियादियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। दूरी अधिक होने के कारण समय ज्यादा लगने से थाने पहुंचने में फरियादी गुरेज महसूस करते हैं। शासन ने जनसंख्या के आधार पर थाने बनाने का आदेश जारी कर प्रस्ताव मांगा था, जिसके बाद पुलिस अफसर आबादी के आंकड़े जुटाने में लग गए। क्षेत्रवार कहां-कितना अपराध हुआ, इसके लिए पुलिस पिछले पांच साल का विवरण तैयार किया गया। वहीं, शुरूआत में झांसी परिक्षेत्र से छह थानों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। झांसी नगर में तीन नए थाने बनेंगे। नगर की शहर कोतवाली क्षेत्र सबसे बड़ा क्षेत्र माना जाता है। यहां कोतवाली क्षेत्र में छह चौकियां हैं, जिसमें नई बस्ती पुलिस चौकी, उन्नाव गेट बाहर, बड़ागांव गेट बाहर, मिनर्वा चौकी, ओरछा गेट बाहर व खंडेराव गेट चौकी शामिल है। यहां जनसंख्या व चौकियां अधिक होने के कारण एक नया थाना बनाया जाएगा। साथ ही अन्य दो थाने भी नगर में खुलेंगे। इसके अलावा, रानीपुर पुलिस चौकी को थाना बनाया जाएगा। झांसी के अलावा ललितपुर व उरई में भी एक-एक नए थाने बनेंगे। अभी ललितपुर में 18 और उरई में 19 थाने हैं।
ललितपुर की बिरधा चौकी बनेगी थाना
ललितपुर जिले में जनसंख्या के साथ-साथ अपराध भी बढ़ा है। इसके चलते ललितपुर की बिरधा चौकी को जल्द ही थाने का दर्जा मिलेगा। यहां मूलभूत सुविधाएं बढ़ेंगी। बताया गया है कि शहरी क्षेत्र में 50 हजार की जनसंख्या पर एक थाना होना जरूरी है। जबकि, देहात में 113 वर्ग मील क्षेत्र अथवा 75 से एक लाख की आबादी में एक थाना।
महानगर की छह चौकियों को थाने में तब्दील करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। इसके अलावा ललितपुर व जालौन में भी एक-एक नए थाने खोलने का प्रस्ताव है। स्वीकृति मिलते ही पुलिस विभाग आगे की कार्रर्वाई करेगा। - सुभाष सिंह बघेल, डीआईजी।