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Indian Railways: 390 किमी तक चलती ट्रेन में भूख से बिलखती रही चार माह की बच्ची, ट्विटर पर सहयात्रियों संग गुहार लगाते रहे मजबूर पिता

Fri, 01 Jul 2022 02:32 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस (12615) में जाकिर हुसैन अपनी पत्नी आतिमा और बच्चे फरहान (2) एवं करीब चार माह की बच्ची सायना के साथ नागपुर से मथुरा के लिए सवार हुए। ट्रेन में चार माह की बच्ची ने भूख से रोना शुरू किया। दूध ना होने की वजह से बच्ची लगातार रोए जा रही थी। परेशान पिता ने सहयात्रियों से गुहार लगाई। 
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ट्रेन (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भूख से चार माह की बच्ची करीब 390 किमी तक चलती ट्रेन में बिलखती रही। भूखी बच्ची को रोता देख परेशान पिता एवं कोच में सवार सहयात्रियों ने ट्विटर का सहारा लिया लेकिन, बच्ची को करीब छह घंटे बाद ग्वालियर में रेल महकमा दूध मुहैया करा सका। पूरे रास्ते बच्ची भूख से रोती-बिलखती रही। 

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हैदराबाद के होटल कारोबारी जाकिर हुसैन अपनी पत्नी आतिमा और बच्चे फरहान (2) एवं करीब चार माह की बच्ची सायना के साथ नागपुर से मथुरा के लिए ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस (12615) में सवार हुए। नागपुर से गाड़ी बुधवार दोपहर 11.30 बजे रवाना हुई थी। जाकिर के मुताबिक गर्मी अधिक पड़ने से बच्ची के पीने के लिए दूध नहीं बचा। भोपाल पहुंचने पर उन्होंने वहां दूध तलाशा लेकिन, वहां कहीं दूध नहीं मिला। उधर, भूख से परेशान बच्ची ने रोना शुरू कर दिया। भोपाल से ट्रेन शाम 19.03 बजे रवाना बीना के लिए रवाना हुई।

परेशान पिता ने सहयात्रियों से गुहार लगाई। कुछ सहयात्री आगे आए और उन्होंने ट्विटर पर भोपाल डीआरएम समेत झांसी डीआरएम एवं अन्य रेल अफसरों को टैग करके दूध मुहैया कराने की गुहार लगाई। रात करीब 20.50 मिनट पर गाड़ी बीना स्टेशन पहुंची लेकिन, यहां बच्ची को दूध नहीं मिल सका। दूध न मिलने से बच्ची लगातार रोये जा रही थी। यहां से गाड़ी वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन के लिए आगे बढ़ी। रात करीब 22.55 पर गाड़ी झांसी पहुंची। यहां गाड़ी पांच मिनट ठहरी लेकिन, रेल प्रशासन यहां भी बच्ची को दूध मुहैया नहीं करा सका। पांच मिनट ठहराव के बाद गाड़ी यहां से ग्वालियर को रवाना हुई। रात करीब 12.03 मिनट पर गाड़ी ग्वालियर स्टेशन पहुंची, यहां जाकर रेल प्रशासन बच्ची को दूध दिला सका। पिता का कहना है दूध पीने के बाद बच्ची का रोना बंद हुआ।  
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390 किमी है भोपाल से ग्वालियर की दूरी
भोपाल से बच्ची के लिए दूध की तलाश की जा रही थी। भोपाल से झांसी की दूरी 293 किमी है। यहां भी बच्ची को दूध नहीं मिल सका। झांसी से ग्वालियर की दूरी 97 किमी है। इस तरह 390 किमी बाद बच्ची को दूध मिल सका।

जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि ट्विटर पर आने वाली शिकायतों के लिए तत्काल संबंधित स्टाफ को सूचित कर दिया जाता है। जितना जल्दी संभव हो सकता है, उतनी जल्दी मदद पहुंचाई जाती है।

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