झांसी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड खर्चों को कम करने के लिए फेसलेस ई असेसमेंट योजना (चेहरा विहीन ई आकलन) स्कीम पर काम कर रहा है। इसमें करदाताओं के रिटर्न संबंधी प्रक्रिया व आपत्तियों का निस्तारण ऑनलाइन होगा। ऐसे में बोर्ड ने किराए की बिल्डिंग में चल रहे अपने कार्यालय बंद करने का निर्णय लिया है। इस नीति के तहत बुंदेलखंड के ललितपुर, उरई, महोबा और बांदा के कार्यालय बंद किए जा सकते हैं। ये सभी कार्यालय प्राइवेट बिल्डिंग में चल रहे हैं।
आयकर रिटर्न भरने के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट्स का सहारा लेना आम है। उसके ऊपर से टैक्स भरने और छूट प्राप्त करने के प्रावधान इतने सारे हैं कि आम लोगों का दिमाग चक्कर खा जाता है। किसी भी दिक्कत में आने पर कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस कारण केंद्र सरकार ने चेहराविहीन मूल्यांकन योजना शुरू की है, जिसमें मूल्यांकन संबंधी किसी भी कार्य के लिए न करदाता को आयकर कार्यालय जाना होगा और ना विभाग के किसी अधिकारी को किसी करदाता के पास। ऐसे में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड खर्चों को कम करने के लिए अपने किराए की बिल्डिंग में चलने वाले कार्यालयों को बंद करने की तैयारी में है। इसमें बुंदेलखंड के उरई, ललितपुर, महोबा व बांदा के कार्यालय भी शामिल हैं। झांसी में विभाग के पास खुद की बिल्डिंग है।