रविवार को थाना उल्दन क्षेत्र में एटीएस की कार्रवाई में पकड़ा गया मुख्य आरोपी चरन सिंह जेल से छूटकर दोबारा विस्फोटक पदार्थ की तस्करी में उतर आया। दो साल पहले वह विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद जेल गया था। एक बार फिर विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क होकर पड़ताल में जुट गई हैं।
जुलाई में कानपुर के चकेरी हाइवे पर लावारिस कार से इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर और ट्रक से विस्फोटक सामग्री मिली थी। कार से सासाराम निवासी विक्रांत कुमार, ओम नारायण राय और पंकज कुमार सिंह पकड़े गए थे। तीनों से पूछताछ के बाद झांसी के मोंठ का इनपुट मिला था। पता चला कि उक्त विस्फोटक सामग्री मोंठ से लाई गई थी। भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद खुफिया विभाग के कान खड़े हो गए थे।
इसके बाद एटीएस ने पूछताछ के बाद 25 अगस्त 2016 को थाना मोंठ इलाके में एक मकान में दबिश दी थी। यहां से 92 बोरी अमोनियम नाइट्रेट, 800 डेटोनेटर, 3 हजार इलेक्ट्रिक प्लेन डिटोनेटर, 4 हजार जिलेटिन छडे़ें बरामद की थीं। यहां से टीम ने चरण सिंह को गिरफ्तार किया था। टीम ने एफआईआर दर्ज कराने के बाद उसे जेल भेजा था।
बताया गया है कि कुछ समय पहले ही वह जेल से छूटकर आया था और पुन: विस्फोटक सामग्री की सप्लाई में लग गया। रविवार को एटीएस की कार्रवाई में चरण सिंह की गिरफ्तारी होने के बाद खुफिया विभाग सतर्क हो गया है। विस्फोटक सामग्री किसी बड़े शहर में सप्लाई होना थी। अब कहां और किसके यहां होनी थी, इसके लिए पूछताछ की जा रही है।