रेलवे स्टेशन से 16 नवंबर को अपहृत निवाड़ी के टेहरका थाना क्षेत्र के रामपुरा निवासी राजू की चार वर्षीय बेटी नैना (दीपिका) को जीआरपी ने ग्वालियर पुलिस के सहयोग से बरामद कर लिया है। ग्वालियर में पिछले दिनों पकड़े गए एक बच्चा गिरोह के हाथ आने के बाद सक्रिय हुई जीआरपी ने यह सफलता हासिल की। बृहस्पतिवार को बच्ची परिजनों को सौंप दी गई।
राजू जालंधर में मजदूरी करता है। 16 नवंबर 2016 को उसकी पत्नी लक्ष्मी छह साल के बेटे व चार साल की बेटी नैना के साथ जालंधर से अपने गांव आ रही थी। जालंधर से सवार होने के बाद उसे ट्रेन बदलने के लिए ग्वालियर में उतरना पड़ा।
ग्वालियर स्टेशन पर उसकी मुलाकात एक महिला से हो गई। ताज एक्सप्रेस से लक्ष्मी बच्चों को लेकर ग्वालियर से झांसी आ गई। महिला भी झांसी तक साथ आई। लक्ष्मी प्लेटफार्म एक पर पैसेंजर ट्रेन के इंतजार में बच्चों को लेकर बैठी थी, तभी वह उस महिला के भरोसे बच्चों को छोड़कर खाने का सामान लेने चली गई। वह जब वापस लौटी तो महिला व उसकी बेटी नैना गायब थी। लक्ष्मी ने अपनी बच्ची की स्टेशन पर तलाश की, मगर उसका कोई पता नहीं चल सका। जीआरपी थाना पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के बाद सीसीटीवी फुटेज में महिला को बच्ची ले जाते देखा।
इधर, 30 दिसंबर को ग्वालियर पुलिस ने डबरा के जवाहर कॉलोनी निवासी लक्ष्मीबाई को चोरी की हुईं चार बच्चियों के साथ पकड़ा था। तीन जनवरी को जीआरपी थाना प्रभारी रवि चंद्र मिश्र ग्वालियर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुष्ट किया कि वही महिला नैना को अपहृत कर ले गई थी। किया था। उसने ग्वालियर के गिजौरा थाना क्षेत्र के राममिलन व रामनाथ के सहयोग से नैना को ग्वालियर के बदनापुर में रहने वाली रोशनबाई के पास छोड़ दिया था। पुलिस ने नैना को रोशनबाई के घर से बरामद कर लिया गया। ग्वालियर पुलिस ने रोशनबाई के अलावा सहयोगी राममिलन व रामनाथ को भी पकड़ लिया। बृहस्पतिवार को जीआरपी नैना को लेकर झांसी आ गई और उसे परिजनों को सौंप दिया।