अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बबीना से पूर्व विधायक सतीश जतारिया के खिलाफ बुजुर्ग महिला के मकान को फर्जीवाड़ा करके हड़प लेने के आरोप में नवाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोप है पूर्व विधायक ने खुशीपुरा स्थित विपिन बिहारी इंटर कॉलेज की जमीन में बने मकान के फर्जी कागज बनाकर अपने नाम वसीयत करा लिया। इसके बाद 22 लाख रुपये लेकर बैनामा कर दिया। यहां रहने वाली महिला बेघर हो गई।
खुशीपुरा निवासी प्यारेलाल ने पुलिस को बताया कि विपिन बिहारी इंटर कॉलेज से वर्ष 1957 में उनके परिवार को जमीन का एक पट्टा हुआ था। इस जमीन पर मकान बनाया गया था। बाद में पारिवारिक बंटवारा होने पर एक हिस्सा रतनलाल के पास चला गया। 8 नवंबर 2012 को रतनलाल की मौत हो गई। रतनलाल के परिवार में पत्नी राम प्यारी, उसकी चार बेटियां एवं दो पुत्र बचे। परिजनों का कहना है कि मकान पर रतनलाल की विधवा राम प्यारी एवं उसके छह बच्चों का नाम दर्ज होना चाहिए, लेकिन पूर्व विधायक सतीश जतारिया ने फर्जीवाड़ा करके मकान के फर्जी कागज बनवा लिए। रामप्यारी की ओर से फर्जी वसीयतनामा बनवाया गया। इसके जरिये मकान अपने नाम करा लिया। राम प्यारी एवं उसके बच्चों को घर से बेघर कर दिया।
आरोप है कि पूर्व विधायक ने फर्जी वसीयतनामा के जरिये मकान को अपने नाम कराने के बाद मौजूदा पार्षद अतुल वर्मा के भाई रवि रामपुरी को 22 लाख रुपये में बेच दिया। फर्जीवाड़े का पता चलने पर राम प्यारी के परिजनों ने शिकायत की। कई साल बाद अब सुनवाई हुई। पिछले माह प्रशासनिक स्तर पर हुई जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। परिजनों ने पुलिस को बताया कि पूर्व विधायक के कराए गए बैनामे के निरस्तीकरण की कार्रवाई हो रही है।
उधर, राम प्यारे की तहरीर पर नवाबाद पुलिस ने पूर्व विधायक सतीश जतारिया एवं खुशीपुरा निवासी रवि रामपुरी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम के मुताबिक मामले की छानबीन शुरू करा दी गई है।