संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बिना परमिट छूट प्रजाति की लकड़ी लदे ट्रक को निकलवाने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ी गई वनरक्षक और प्राइवेट वाचर को अदालत ने जेल भेज दिया। एंटी करप्शन टीम ने दोनों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर शनिवार को विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
महरौनी क्षेत्र के ग्राम मिदरवाहा निवासी ठेकेदार उदयपाल सिंह की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी की टीम ने कार्रवाई की। आरोप है कि छपरट क्षेत्र में तैनात वनरक्षक प्रिया कुमारी लकड़ी से भरे ट्रक को निकलवाने के लिए पहले सात हजार रुपये मांग रही थीं, जो बाद में पांच हजार रुपये पर तय हुई।
टीम ने जाल बिछाकर शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोट दिए। जैसे ही वनरक्षक प्रिया कुमारी और प्राइवेट वाचर जाहर ने रुपये लिए, टीम ने दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया। कोतवाली सदर में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपियों को झांसी स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वन विभाग ने भी आरोपी वनरक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
कार्रवाई के बाद विभाग में सन्नाटा
घटना के बाद वन विभाग कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारी काम तो करते रहे, लेकिन चर्चा का माहौल बना रहा।