झांसी। महानगर में अगले चालीस साल तक पानी की समस्या न आए, इसके लिए बनाई गई झांसी पेयजल महायोजना अब कागजी कार्यवाही से धरातल पर साकार रूप लेने की तरफ बढ़ चुकी है। जल निगम के अधिकारियों ने नौ सौ सोलह करोड़ की इस परियोजना की संशोधित प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है।
जल निगम अधिकारियों ने मुख्यालय ने जो कमियां बताई थी, उनको दूर कर लिया गया है। जल्द ही लखनऊ में रिपोर्ट को स्टेट लेवल टेक्निकल कमेटी के समक्ष पेश कर दिया जाएगा। इसके बाद योजना पर बजट मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा
केंद्र सरकार के ‘अमृत’ कार्यक्रम के तहत महानगर की पेयजल समस्या को दूर करने के लिए स्वीकृत की गई 916 करोड़ की लागत की योजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में सभी आपत्तियां दूर कर ली गई हैं। रिपोर्ट को स्टेट लेवल टेक्निकल कमेटी के समक्ष पेश होना है, इसके बाद पहले चरण का बजट जल निगम को उपलब्ध करवा दिया जाएगा। बजट मिलते ही धरातल पर काम शुरू हो जाएगा।
जल निगम के अधिशासी अभियंता (निर्माण शाखा) ए पी यादव ने बताया कि पिछले दिनों स्टेट लेवल टेक्निकल कमेटी की बैठक निरस्त होने से देरी हो गई। जल्द ही अगली बैठक में रिपोर्ट पेश हो जाएगी। अगर सब कुछ ठीक रहा तो एक दो माह में इस योजना पर काम शुरू हो जाएगा।
मालूम हो कि महानगर में बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से पानी की मांग भी बढ़ती जा रही है। जल निगम ने इस समस्या से निजात पाने के लिए यूनिक इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम (स्माल एंड मीडियम टाउन) कार्यक्रम के तहत संशोधित 900 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया है।
विगत माह केंद्र सरकार ने अटल पुनरोद्धार व परिवर्तन मिशन ‘अमृत’ योजना के तहत झांसी पेयजल महायोजना के पहले चरण के लिए 224 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया है। पहले चरण में महानगर को 29 जोनों में बांटकर नई टंकियां बनाने व नए क्षेत्रों में पाइप लाइन बिछाने का काम होना है। दूसरे चरण में माताटीला से नई राइजिंग लाइन बनाने का काम होगा।