धूप खिलने और कोहरा कम होने के बाद भी ट्रेनों की रफ्तार दुरुस्त नहीं हो सकी। बृहस्पतिवार को झांसी आने वाली सभी ट्रेनें एक से 17 घंटे तक लेट रहीं। अप और डाउन ताज एक्सप्रेस रद कर दी गई। झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस भी ढाई घंटे देरी से जा सकी। ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यात्री काफी परेशान रहे। आने वाले दो दिन तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद नहीं है।
पिछले दो दिन से सुबह के समय मौसम साफ रहने के बाद भी ट्रेनों की लेटलतीफी जारी है। ट्रेनें अपने प्रारंभिक स्टेशन से समय पर नहीं चल पा रही हैं, इससे अभी हालात सामान्य होने में दो दिन का समय लग सकता है। इधर, बुधवार को झांसी से गई ताज एक्सप्रेस दिल्ली बृहस्पतिवार की सुबह पहुंच सकी। इस कारण रेल प्रशासन को बृहस्पतिवार के दिन ताज एक्सप्रेस का संचालन रद करना पड़ा। चूंकि, बुंदेलखंड के यात्रियों के लिए दिल्ली जाने के लिए यह गाड़ी सबसे सुलभ मानी जाती है। मजबूरन यात्रियों को दिल्ली जाने के लिए दूसरी सवारी गाड़ियों का सहारा लेना पड़ा। इस कारण देरी से चल रही दिल्ली की तरफ जाने वाली पंजाब मेल, झेलम एक्सप्रेस, पठान कोट एक्सप्रेस, सदर्न एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस आदि गाड़ियों के जनरल कोच में पैर रखने की जगह नहीं रही।
इसी तरह झांसी से सुबह छह बजे कानपुर की तरफ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस दैनिक व आम यात्रियों के लिए बेहद अहम मानी जाती है। मगर, यह ट्रेन बृहस्पतिवार को अपने निर्धारित समय से एक घंटे देरी से रवाना हुई। ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों का बुरा हाल रहा। वहीं, ट्रेनों की जानकारी लेने के लिए पूछताछ कार्यालय में यात्रियों का जमघट लगा रहा। तीन घंटे से अधिक देरी से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों को दूसरी गाड़ी में जाने के लिए परमिट किया गया।
ये गाड़ियां आईं लेट
बृहस्पतिवार को 12191 नई दिल्ली जबलपुर एक्सप्रेस साढ़े सत्रह घंटे, 11708 अटारी जबलपुर एक्सप्रेस साढ़े छह घंटे, 12174 उद्योग नगरी एक्सप्रेस सवा चार घंटे, 12598 जनसाधारण एक्सप्रेस ग्यारह घंटे, 12107 कुर्ला लखनऊ एक्सप्रेस चार घंटे, 12807 समता एक्सप्रेस आठ घंटे, 12409 गोंडवाना एक्सप्र्रेस नौ घंटे, 12621 तमिलनाडु एक्सप्रेस आठ घंटे, 14623 पातालकोट एक्सप्रेस 14 घंटे, 12137 पंजाब मेल दस घंटे, 18238 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस तीन घंटे, 16032 अंडमान एक्सप्रेस ग्यारह घंटेे लेट आई।