झांसी। ग्वालियर रोड पर नौ साल से अधूरे पड़े फ्लाई ओवर के निर्माण के जल्द पूरा होने की उम्मीद जग गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के मुख्यालय से इसकी फाइल केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय द्वारा तलब कर ली गई है। इस पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है।
एनएचएआई की ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर फोरलेन सड़क परियोजना के अंतर्गत एन एच 25 के झांसी बाईपास पर फ्लाई ओवर बनाने की योजना है। यह फ्लाई ओवर ग्वालियर रोड पर बनाया जाना है। एनएचएआई ने इसका निर्माण दस वर्ष पूर्व शुरू किया था। इसके निर्माण पर तकरीबन दो करोड़ रुपये की धनराशि खर्च भी कर दी गई थी।
लेकिन, सेना की आपत्ति के चलते 13 अक्तूबर 2006 को काम बंद कर दिया गया था। हवाई पट्टी नजदीक होने के चलते सेना द्वारा इसके निर्माण पर आपत्ति जताई गई थी। इसके बाद से ही इसका निर्माण पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। इससे ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया है।
निर्माण पर लगी आपत्ति को हटाने के लिए एनएचएआई द्वारा कई बार सेना को पत्र लिखे जा चुके हैं। लेकिन, बात नहीं बन पाई। निर्माण पूरा कराने को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य द्वारा भी पहल की गई थी, परंतु उनके प्रयास भी फलीभूत नहीं हो पाए थे। इस दौरान एनएचएआई ने योजना में परिवर्तन करते हुए फ्लाईओवर की जगह उक्त स्थान पर जंक्शन बनाने का प्लान तैयार किया था, जिसे सेना को उपलब्ध कराया गया था।
हालांकि, लंबे समय तक इस पर भी कोई फैसला नहीं हो पाया। लेकिन, अब एनएचएआई के उक्त सभी प्रयास रंग लाते नजर आने लगे हैं। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने फ्लाईओवर की फाइल एनएचएआई मुख्यालय से मंगा ली है। इस पर जल्द सकारात्मक निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है।
‘फ्लाई ओवर की फाइल केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय मंगा ली है। उम्मीद है कि जल्द ही इस संबंध में कोई सकारात्मक फैसला लिया जाएगा। उक्त स्थान पर फ्लाई ओवर पर सहमति बनेगी या जंक्शन पर, यह अभी तय नहीं है।’
- एस पी शर्मा, परियोजना निदेशक - एनएचएआई