फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी आंकड़ों में 15 दिनों में मिले डेंगू के पांच मरीज, संख्या और अधिक

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। डेंगू का दायरा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। सरकारी आंकड़ों में पिछले 15 दिनों में ही डेंगू के पांच मरीज मिले हैं। ये सभी मरीज उनाव गेट बाहर, तालपुरा, वीरांगना नगर, करगुवां जी, मोंठ के लोहागढ़ के हैं। जबकि, निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों का आंकड़ा इससे कहीं अधिक है। चूंकि, नर्सिंगहोमों में एंटीजन किट से जांच होती है, ऐसे में इसमें डेंगू की पुष्टि होने के बावजूद सरकारी आंकड़ों में रिकॉर्ड नहीं किया जाता।
विज्ञापन

कोरोना वायरस के इस दौर में लोग सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने से कतरा रहे हैं, क्योंकि यहां पर कोरोना के मरीज भर्ती हो रहे हैं। ऐसे में तबीयत बिगड़ने पर मरीज निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। निजी अस्पतालों में एंटीजन किट से डेंगू की जांच की जाती है। इसमें पॉजिटिव आने पर मरीज का लक्षण के अनुसार उपचार किया जाता है। यदि उसकी प्लेटलेट्स काफी गिरी हुई होती हैं तो प्लेटलेट्स चढ़ाई जाती हैं। जबकि, स्वास्थ्य विभाग एंटीजन किट से डेंगू पॉजिटिव होने के बावजूद रिपोर्ट को नहीं मानता है। वहीं, निजी अस्पताल भी अधिकतर मरीज का सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में नहीं भेजते हैं। ऐसे में डेंगू होने के बावजूद मरीज की जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में नहीं चढ़ पाती है। वहीं, पिछले 15 दिनों के आंकड़ों पर गौर करें तो पांच डेंगू के मरीज मिले हैं। इन सबकी के डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब से हुई है। उधर, जानकारी करने पर पता चला कि सरकारी आंकड़ों के लगभग दस गुने मरीज अब तक निजी अस्पतालों में भर्ती होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं या इनमें से कुछ का उपचार चल रहा है।
ये हैं लक्षण
- इसके लक्षण तीन से 14 दिन बाद दिखते हैं।
- तेज बुखार के साथ शरीर के उभरे चकत्तों से खून रिसता है।
- पेट खराब, कमजोरी, दस्त, चक्कर, भूख न लगने की समस्या होती है।
- जब रोगी का तापक्रम सामान्य नहीं होता, तब रक्त में प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं।
ऐसे करें बचाव
..................
- मच्छरों और लार्वा को खत्म कर दें।
- मच्छरों से बचें। वहां सोएं जहां मच्छर न हों या कपड़े ओढ़कर सोएं।
- घर के आसपास गड्ढों और पानी के एकत्र होने वाले स्थानों को पाट दें।
- छत की टंकी, टैंक, कूलर आदि का पानी सप्ताह में एक बार जरूर बदलें।
- मच्छर पैदा होने वाले स्थानों पर कीटनाशक का छिड़काव करें।
खानपान पर दें ध्यान
.........................
- सादा भोजन का सेवन करें, जिसमें नमक स्वाद से अधिक न हो।
- अनार, ज्वार, गेहूं की घास का रस पीएं।
- ताजे मौसमी फलों का सेवन करें।
- नारियल पानी और साफ पानी पीएं।
- विटामिन सी से युक्त फलों का सेवन करें।
- पपीते के पत्तों का रस बनाकर दो-तीन बार पीएं।
ये हैं संवेदनशील क्षेत्र
- नगरा, हंसारी, नई बस्ती, तालपुरा, खुशीपुरा व शिवाजी नगर।
अगस्त से अब तक मानसूनी सीजन में सिर्फ पांच ही डेंगू के मरीज मिले हैं। मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब से हुई जांच में पिछले 15 दिनों में इनकी पुष्टि हुई है। यदि निजी अस्पतालों में कोई डेंगू का मरीज भर्ती है तो उसका मेडिकल कॉलेज से एलाइजा टेस्ट जरूर कराएं। - आरके गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें