झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार मंद पड़ते ही सरकारी कामकाज भी सामान्य हो चला है। खासतौर पर विभागों ने अपनी बकाया वसूली के लिए घोड़े दौड़ाने शुरू कर दिए हैं। परिवहन विभाग और बिजली विभाग ने 800 बकायेदारों की पांच करोड़ रुपये की आरसी जारी की हैं। इसके साथ ही राजस्व विभाग ने ताबड़तोड़ वसूली की तैयारी शुरू कर दी है। राजस्व कर्मी बकायेदारों के दरवाजों पर दस्तक देने लगे हैं। इसके अलावा अन्य महकमों में भी बकायेदारों की सूची तैयार की जाने लगी है।
पिछले साल मार्च माह की शुरुआत से ही कोरोना वायरस के संक्रमण ने अपने पैर पसारना शुरू कर दिए थे। संक्रमण के दायरे को बढ़ने से रोकने के लिए 25 मार्च से लॉकडाउन लागू कर दिया गया था। इसका खासा असर सरकारी वसूली पर पड़ा था। विभागों द्वारा आरसी तो जारी की गईं थीं, लेकिन वसूली नहीं हो पाई थी। लेकिन, हालात अब सामान्य हो चले हैं। ऐसे में सरकारी विभागों ने भी अपनी बकाया वसूली के लिए आरसी काटनी शुरू कर दी हैं। परिवहन विभाग ने 300 बकायेदारों की दो करोड़ रुपये की आरसी जारी की हैं। जबकि, बिजली विभाग ने 500 बकायेदारों की तीन करोड़ रुपये की आरसी काटी हैं। जल संस्थान, खनिज विभाग समेत अन्य विभागों में भी बकायेदारों की सूची तैयार की जाने लगी है।
इसके अलावा कोरोना की वजह से सबसे ज्यादा बैंकों की वसूली बुरी तरह से प्रभावित हुई थी। लेकिन, इस साल बैंक भी वित्तीय वर्ष के आखिरी माह मार्च में अपनी वसूली का लक्ष्य शत प्रतिशत हासिल करने की तैयारी में हैं। जल्द ही बैंकों की ओर से भी आरसी जारी की जाने वाली हैं। इसके लिए बकायेदारों का ब्योरा खंगाला जाने लगा है। परिवहन और बिजली विभाग की आरसी जारी होने के साथ- साथ राजस्व विभाग भी सक्रिय हो गया है। राजस्व कर्मियों ने बकायेदारों के घरों पर दस्तक देना शुरू कर दिया है।
परिवहन और विद्युत विभाग की ओर से आरसी जारी की गई हैं। वसूली के लिए राजस्व कर्मी सक्रिय हो गए हैं। कोरोना की वजह से पिछले साल वसूली प्रभावित रही थी। लेकिन, इस बार शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की तैयारी है।
- राम अक्षयवर चौहान, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)