पीएचडी प्रवेश परीक्षा में पहली बार निगेटिव मार्किंग
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने पहली बार पीएचडी प्रवेश परीक्षा में निगेटिव मार्किंग करने का फैसला किया है। अभ्यर्थी को सही प्रश्न पर दो अंक मिलेंगे और गलत प्रश्न पर आधा अंक कटेगा। प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 14 नवंबर है। 30 नवंबर को बीयू में दो पालियों में परीक्षा होगी। 10 दिसंबर को परिणाम और 15 को साक्षात्कार होगा।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने विज्ञान, कला, कृषि, विधि, शिक्षा, वाणिज्य संकायों के 42 विषयों की लगभग 400 सीटें के लिए ऑनलाइन आवेदन खोल दिए हैं। अभ्यर्थियों के पास अभी भी आवेदन करने का अवसर है। इस बार प्रवेश परीक्षा को लेकर कई फैसले लिए गए हैं। परीक्षा में गलत सवाल पर निगेटिव मार्किंग तो होगी ही, साथ ही अभ्यर्थी को अपने पसंदीदा विषय पर लेख भी लिखना होगा। इससे अभ्यर्थी कि लेखन कला का पता चल सकेगा। पीएचडी के लिए चयन प्रक्रिया दो तरीके से होगी। यूजीसी नेट या इसके समकक्ष परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा देने की जरूरत नहीं है। वहीं, नेट जेआरएफ क्वालिफाई अभ्यर्थियों को भी प्रवेश परीक्षा देने की जरूरत नहीं है। हालांकि, इन्हें दस नंबर का बोनस दिया जाएगा। इसके अलावा इंस्पायर फेलोशिप प्राप्त कर चुके अभ्यर्थियों को पांच अंक, जीपैड में 95 परसेंटाइल लाने वालों को पांच अंक का बोनस दिया जाएगा। हालांकि, ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा देनी पड़ेगी। वहीं, जिन अभ्यर्थियों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से चयनित प्रोजेक्ट पर दो साल तक काम कर लिया हो, उन्हें भी पांच नंबर अतिरिक्त मिलेंगे। इन्हें प्रवेश परीक्षा देनी पड़ेगी।
वहीं, प्रवेश परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को कम से कम 50 फीसदी अंक जरूर लाने पड़ेंगे। मेरिट तैयार के लिए अभ्यर्थी के स्नातक प्रतिशत का एक चौथाई, परास्नातक प्रतिशत का आधा जोड़ा जाएगा। तीस नंबर का साक्षात्कार होगा। इसमें कम से कम अभ्यर्थी को 12 और अधिकतम 27 नंबर दिए जाएंगे। इसके बाद मेरिट तैयार होगी। जो चयनित होगा, वह पीएचडी के कोर्स वर्क के लिए शामिल हो सकेगा।