झांसी। बृहस्पतिवार को झांसी से सटे निवाड़ी जिले में चरित्र पर शक होने पर एक व्यक्ति ने पहले पत्नी को घर की छत से नीचे फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके बाद पति ने खुद को गोली मार ली, जिससे उसकी मौत हो गई।
निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर थाना इलाके के गांव जुगलपुरा में रहने वाले किसान वीर सिंह यादव (40) का बृहस्पतिवार की रात तकरीबन 11 बजे अपनी पत्नी रचना यादव (38) से झगड़ा हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि नौबत मारपीट तक आ पहुंची। गुस्से में वीर सिंह यादव ने अपने मकान की दूसरी मंजिल से रचना को नीचे फेंक दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। रचना के कराहने की आवाज सुनकर आसपास के लोग उसकी ओर दौड़े। इसी दरम्यान घर के भीतर से गोली चलने की आवाज आई। लोग घर के दरवाजे की ओर दौड़े लेकिन अंदर से बंद था। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को देकर एंबुलेंस को बुलाया। लोगों ने वीर सिंह से दरवाजे की कुंडी अंदर से खोलने के लिए कहा, तो उसने कहा कि गोली मार ली है और उठकर दरवाजा खोलने की हालत में नहीं है। पुलिस की मौजूदगी में गांव के लोगों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर जाकर देखा तो वीर सिंह खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था। परिजन तुरंत वीर सिंह और उसकी पत्नी रचना को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में लेकर भागे। हालत गंभीर होने पर दोनों को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां पहुंचने से पहले ही वीर सिंह ने दम तोड़ दिया। पत्नी रचना का गंभीरावस्था में इलाज जारी है।
वीर सिंह के दिमाग पर हावी हो गया था शक
झांसी। शुक्रवार को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के परिसर में स्थित पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद किसान के परिजनों ने बताया कि पत्नी के चरित्र को लेकर वीर सिंह के दिमाग में शक हावी हो गया था। स्थिति ये हो गई थी कि पत्नी के घर से निकलने पर वह हर समय उसके साथ साये की तरह लगा रहता था। गांव के कुएं से पानी लाना हो या शौच के लिए खेत पर जाना हो, वीर सिंह समय उसके साथ जाता था। पत्नी भी इससे आजिज हो चुकी थी। पति की इस प्रवृत्ति की वजह से उसने घर से निकलना काफी कम कर दिया था।
दो साल से बिगड़ी थी हालत
झांसी। वीर सिंह के एक पुत्र और एक पुत्री है। पुत्र बाहर प्राइवेट नौकरी करता है, जबकि पुत्री की शादी दो साल पहले महानगर के करगुवां जी में की थी। वीर सिंह का शव लेने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने लोगों ने बताया कि पुत्र की शादी के बाद से वीर सिंह की मनोदशा बिगड़ गई थी। जबकि, इससे पहले वह खेती करता था। साथ ही पशुपालन भी करता था। अच्छा कमाता था और पुत्री की शादी में भी खूब पैसा खर्च किया था।