फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तालीम का तिलिस्म: झांसी में मुफ्ती को छुड़ाने वाले 11 नामजद में से पहला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस कर रही पूछताछ

Sat, 14 Dec 2024 12:27 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
झांसी में मुफ्ती खालिद को छुड़ाने के 11 नामजद आरोपियों में से शनिवार तड़के पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की। परवेज पुत्र मूसा को गिरफ्तार कर पुलिस नवाबाद थाने ले गई। यहां पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन


शनिवार तड़के पुलिस ने उसके घर दबिश दी। उसे घर के पास से ही गिरफ्तार कर लिया गया। बता दें, बृहस्पतिवार को मुफ्ती खालिद को पूछताछ के लिए ले जाते समय एनआईए अफसरों समेत पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया था। 

इस आरोप में कोतवाली पुलिस ने 11 नामजद और 100 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने एवं पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की थी। अब पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। 
विज्ञापन


एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक, अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। अन्य आरोपियों की भी जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। वीडियो फुटेज के जरिए अज्ञात आरोपियों की भी शिनाख्त कराई जा रही है।
 

मुफ्ती खालिद के घर पर एनआईए और यूपी एटीएस ने मारा था छापा
आपको बता दें कि ऑनलाइन दीनी तालीम के जरिये विदेश से मोटी रकम जुटाने के मामले में एनआईए और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार तड़के मुफ्ती खालिद नदवी के घर पर छापा मारा था। यहां से उसका लैपटॉप, मोबाइल, बैंक की पासबुक कब्जे में लेकर कई घंटे पूछताछ की। उसे पुलिस लाइन ले जाने पर निकली टीम को भीड़ ने घेर लिया। अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने पर दो घंटे बाद टीम नदवी को लेकर पहले एसएसपी कार्यालय फिर पुलिस लाइन पहुंची। देर शाम उन्हें सशर्त छोड़ दिया गया था।

मुफ्ती के घर से बाहर निकली एनआईए टीम उनको पुलिस लाइन ले जाने लगी तो लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। विरोध के बीच ही किसी व्यक्ति ने मस्जिद के माइक से एलान कर दिया। एलान होते ही मुफ्ती के समर्थन में लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया। जमा हुए लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। महिलाओं ने सड़क पर बैठक कर रास्ता रोक लिया। महिलाओं का आरोप था कि रातभर से पूछताछ करने के बाद भी अफसरों को कोई सबूत नहीं मिला है। अब उनको झूठे मुकद्दमे में फंसाने की साजिश रची जा रही है। 

 
विज्ञापन

हंगामे की सूचना पर एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह, सीओ सिटी रामवीर सिंह समेत कई थानों से पुलिस बल पहुंच गया। इस दौरान मुफ्ती साबिर कासमी ने कई बार लोगों को समझाते हुए कार्रवाई में दखल नहीं देने की बात कही। लोगों को समझाकर मुफ्ती को पुलिस लाइन लाने में पुलिस को भी कड़ी मशक्कत करना पड़ी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें