मोंठ/समथर/चिरगांव/रानीपुर। मंगलवार को जिले के ग्रामीण इलाकों में खेतों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आईं। आग लगने से पांच सौ बीघा से अधिक भूमि पर लगी पराली जलकर नष्ट हो गई, जिससे किसानों के सामने भूसे का संकट खड़ा हो गया। इसके अलावा कहीं-कहीं खेतों में रखी कटी फसल को भी नुकसान पहुंचा है। दमकल दस्ते घंटों की मशक्कत के बाद देर शाम आग पर काबू पा पाए। इस दौरान ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
मंगलवार की सुबह तकरीबन ग्यारह बजे समथर के मौजा चमराइमली और बहादुरपुर में खेतों में खड़ी गेहूं की पराली में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। इससे पहले कि ग्रामीण कुछ कर पाते आग ने मौजा दतावली व अंगथरी के खेतों को भी अपनी चपेट में ले लिया। तकरीबन एक हजार बीघा के खेतों में पराली धूं-धूं करके जलने लगी। सूचना पर दमकल दस्ते मौके पर पहुंच गए। दमकल दस्तों ने आग पर काबू पाने के लिए पानी की बौछार शुरू कर दी। छह-सात घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम दमकल दस्ते आग पर काबू पा पाए। सूचना पर राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई और किसानों को आग से हुई क्षति के आकलन में जुट गई। आग लगने से खेत मालिक बेहद मायूस नजर आए। उनका कहना था कि गेहूं की पराली से साल भर के लिए पशुओं के चारे का इंतजाम हो जाता है, लेकिन आग लगने से अब सबकुछ नष्ट हो गया है।
वहीं, चिरगांव के गाम मुराटा में भी दोपहर में खेतों में खड़ी गेहूं की पराली में आग लग गई। कुछ ही देर में आग आसपास के खेतों को चपेट में लेती हुई मौजा गिरारी और ध्वानी के खेतों तक पहुंच गई। ग्रामीणों ने पानी का छिड़काव कर मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। खेतों में आग लगने से गांव के प्रीतम, रितिक, घनश्याम, अवध, श्यामलाल, कालीचरण आदि को नुकसान हुआ है।
उधर, रानीपुर के ग्राम टिकरी मौजा में सोमवार की रात खेतों में खड़े फसल अवशेष में आग लग गई। देखते ही देखते आग कई खेतों में फैल गई। बरियाबेर के पास भी एक किसान का खेत आग की चपेट में आ गया। मौके पर पहुंचे दमकल दस्ते ने आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि टिकरी में जहां आग लगी थी, वहां पास में एक गैस एजेंसी का गोदाम है। आग के गैस गोदाम की ओर बढ़ने पर बड़ा हादसा हो सकता था।
वहीं, मोंठ क्षेत्र के अटरिया मौजे में खेत में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और तकरीबन दस किलोमीटर के क्षेत्र में अटरिया, पथर्रा, पाड़री, कुम्हरार , निमोनिया, बरथरी, परछा, जरहा, गणेशपुरा, पनारी, सेना, टांडा गांव खेतों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग से करीब दो सौ बीघा में पराली जलकर नष्ट हो गई। इसके अलावा कई स्थानों पर खेतों में रखा भूसा और फसल भी जलकर नष्ट हो गई। फायर ब्रिगेड की टीमें घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा पाईं। इस दौरान ग्रामीण भी दमकल कर्मियों की मदद में जुटे रहे। अग्निशमन स्टेशन के प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि मंगलवार को 10 किलोमीटर से अधिक क्षेत्रफल में करीब 300 बीघा में आग लगी थी। आग से नुकसान का आकलन जल्द नहीं किया जा सकता है। राजस्व विभाग की टीमें इसक काम में जुटी हुईं हैं।
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किसानों ने दमकल कर्मियों के साथ की अभद्रता
समथर। गेहूं की पराली में लगी आग को बुझाते समय मौजा अंगथरी में आक्रोशित किसानों ने दमकल कर्मियों के साथ अभद्रता कर दी। दमकल कर्मियों ने जानकारी देते हुए बताया कि समथर के मौजा चमरा इमली में गेहूं की पराली में लगी आग दतावली, बहादुरपुर मौजा में फैलती हुई मौजा अंगथरी तक फैल गई, जिसे बुझाते समय कुछ किसानों ने उनके साथ अनुचित भाषा का प्रयोग करते हुये अभद्रता की। बताया गया कि किसानों का कहना था के फायर टेंडर खाली होने पर उन्हें खेतों में लगी बोरिंग से भर लिया जाए, जबकि दमकल कर्मी इसके लिए तैयार नहीं थे। दमकल कर्मियों को फायर टेंडर खेतों में फंसने का डर सता रहा था।
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ज्यादातर खेतों में फसल अवशेष जले हैं। कहीं-कहीं फसल को भी नुकसान की सूचना आई है। इसका आकलन कराया जा रहा है। बुधवार को रिपोर्ट तैयार हो जाएगा। इसके बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाएगी। - प्रदीप कुमार, एसडीएम मोंठ