थिरूकुलर एक्सप्रेस के जनरल कोच के अंदर से धुआं उठता देख यात्री घबरा गए। चेन पुलिंग कर यात्रियों ने ट्रेन रोकी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे रेलवे इंजीनियरों ने आग पर काबू पाया। इसी बीच ट्रेन लगभग डेढ़ घंटे मौके पर खड़ी रही। धुएं पर काबू पाने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
कन्याकुमारी से चलकर हजरत निजामुद्दीन जाने वाली ट्रेन थिरूकुलर एक्सप्रेस रविवार की दोपहर लगभग 12 बजे झांसी पहुंची। यहां से रवाना होने के बाद ट्रेन हजरत निजामुद्दीन की तरफ बढ़ रही थी, तभी चिरुला स्टेशन के पास अचानक इंजन से लगे दूसरे जनरल कोच के अंदर से तेजी के साथ धुआं उठने लगा। यह देखकर यात्री घबरा गए और चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड व चिरूला पुलिस के अलावा रेलवे इंजीनियर भी पहुंच गए।
जनरल बोगी में लगे पंखों के बीच से कचरे के अंदर से धुंआ निकल रहा था। जिस पर काबू पाने के बाद धुआं निकलना बंद हुआ। इस घटना के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मची गई। यहां से ट्रेन रवाना होने के बाद ग्वालियर पहुंची। जहां ग्वालियर स्टेशन पर कोच का परीक्षण किया। इसी बीच काफी देर तक ट्रेन ग्वालियर स्टेशन पर खड़ी रही। ट्रेन देरी से रवाना होने से यात्रियों को परेशानी हुई। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जनरल कोच से धुआं उठने की सूचना मिली थी, जिसको समय रहते काबू पा लिया। इस दौरान ट्रेन नंबर जम्मूतवी जाने वाली ट्रेन नंबर 11077 झेलम एक्सप्रेस समेत कुछ ट्रेनें विलंब से चलीं।