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Jhansi News: उदयपुर-खजुराहो एक्सप्रेस में धुआं उठने से बजा फायर अलार्म, अफरा-तफरी

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अलार्म बजने पर आग लगने के डर से गेट की तरफ भागे यात्री
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सूचना पर पहुंची आरपीएफ, 20 मिनट देरी से रवाना हुई ट्रेन
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। उदयपुर से चलकर खजुराहो जाने वाली ट्रेन के कोच में धुआं उठने से फायर अलार्म बज उठा। अलार्म की आवाज सुनकर यात्रियों में अफरातफरी मच गई। कोच अटेंडेंट के समझाने पर यात्री माने। सूचना मिलने पर आरपीएफ पहुंची और धूम्रपान करने वालों की तलाश की पर कोई नहीं मिला। इस कारण ट्रेन करीब 20 मिनट देरी से रवाना हुई।
ट्रेन नंबर 19666 खजुराहो एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 19 मिनट की देरी से दोपहर 2.24 बजे झांसी के स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंची, लेकिन प्लेटफॉर्म खाली न होने के कारण ट्रेन को आउटर पर रोक दिया गया था। आउटर पर करीब 15 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। ट्रेन जैसे ही रवाना हुई, एम-1 के एसी कोच में धुआं उठने से कोच में लगा फायर अलार्म बज उठा। अलार्म बजने से यात्रियों को लगा कि कोच में आग लग गई और सभी यात्रियों में अफरातफरी मच गई। ट्रेन की रफ्तार अधिक होने के कारण यात्री गेट पर आ गए। हालांकि किसी ने उतरने का प्रयास नहीं किया। ऑटोमेटिक ट्रेन के ब्रेक लग गए। कोच अटेंडेंट ने स्थिति को संभाला है। कोच अटेंडेंट सुपरवाइजर ने बताया कि कोच के अंदर किसी ने बीड़ी या सिगरेट पी होगी तभी फायर अलार्म बजने लगा। इधर, रेलवे स्टाफ ने आकर अलार्म बंद किया, तब यात्रियों ने राहत की सांस ली। मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि सुरक्षा के लिए कोच में फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए हैं कि आग से पहले इसकी सूचना मिल जाए। अलार्म ने भी वही काम भी किया, लेकिन जिसने भी सिगरेट पीकर नियम और सुरक्षा को नजरअंदाज किया है, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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कोच में लगा फायर अलार्म ऐसे करता है काम
रेलवे के एलएचबी (लिंक हॉफमेन बुश) कोच में फायर सेफ्टी अलार्म लगाए हैं। इन्हीं अलार्म से ट्रेन का ब्रेकिंग सिस्टम भी जुड़ा होता है। कोच के अंदर लगाए गए इन अलार्म साथ ही सेंसर भी लगे होते हैं। जब कोई बीड़ी या सिगरेट पीता है या किसी और कारण से भी धुआं इन अलार्म में लगे सेंसर के संपर्क में आता है तो ये अलार्म बजने लगते हैं। यदि एक मिनट में ट्रेन का ड्राइवर गाड़ी नहीं रोकता है तो दूसरे मिनट से ये सेफ्टी सिस्टम एक्टिव हो जाता है और खुद ब खुद ट्रेन के ब्रेक लगने लगते हैं।
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